पिज़्ज़ा हिंदी कहानी | Pizza A Short Story in Hindi

Pizza A Short Story in Hindi

पिज़्ज़ा हिंदी कहानी | Pizza A Short Story in Hindi


बच्चे हमेशा अपने आसपास के माहोल से सबसे ज्यादा सीखते हैं, कई बार बच्चे अपने घर में ही कुछ ऐसी बातें सिख जाते हैं जिनसे हमें कई जगह ख़ुशी भी होती है और कई जगह हमें शर्मिंदगी भी उठानी पड सकती है| इसी प्रष्ठभूमि पर आधारित है हमारी यह कहानी पिज़्ज़ा हिंदी कहानी | Pizza A Short Story in Hindi

 पिज़्ज़ा हिंदी कहानी | Pizza A Short Story in Hindi

हैरी, एक तीन साल का छोटा सा बच्चा जिसने अभी अभी इस दुनिया को समझना शुरू किया था| अभी-अभी दुनियां के समय-समय पर बदलते तरीकों को सिख रहा था| कभी-कभी अपनी बैटन और होंब्शियारी से लोगो को इतना मोहित कर एटा की लगता ही नहीं वह तीन साल का बच्चा है|

खेर, एक बार गर्मी की छुट्टियों में हैरी ने अपने मामा के यहाँ जाने की जिद पकड़ ली| लेकिन हैरी को अकेले भेजना भी ठीक नहीं था| अब बच्चों की जिद के आगे किसकी चलने वाली| इसलिए हैरी के पापा-मम्मी ने निश्चय किया की हैरी और उसकी मम्मी कुछ दिनों के लिए हैरी के  मामा के यहाँ रह आएँगे| हैरी की जिद भी पूरी हो जाएगी और हैरी की मम्मा को भी कुछ दिन अपने मायके में रहने का मौका मिल जाएगा | अगले ही दिन हैरी के पापा उसे अपने मामा के यहाँ छोड़ आए| एक-दो दिन में ही हैरी ने अपनी नादानियों और शरारतों से अपने मामा के यहाँ सबका दिल जीत लिया|

हैरी को पिज़्ज़ा बहुत पसंद है| रूज़ वो अपनी मामी जी से पिज़्ज़ा बनाने की जिद करता रहता| एक शाम मामीजी ने हैरी की यद् जिद भी पूरी कर दी| पिज़्ज़ा देखते ही हैरी ऐसा उछल-उछल  के नाचने लगा जैसे पहली बार पिज़्ज़ा देखा हो| पिज़्ज़ा के तिन टुकड़े लेकर वह बालकनी में जाकर बेठ गया और बहार देखते हुए खाने लगा|

इसी बिच निचे रहने वाले शर्मा जी का तीसरे माले  पर रहने वाले महता जी के साथ पार्किंग को लेकर झगडा हो गया| बाहर से जोर जोर से बहस की आवाज़े आने लगी| हलाकि दोनों लगभग 50 बरस के होंगे लेकिन फिर भी जोर-जोर से एक दुसरे को “देख लेंगे” की धमकियाँ देने लगे| हैरी कुछ देर तो बालकनी में बता उसको झगड़ते हुए देखता रहा लेकिन कुछ देर बार ही अचानक अपनी प्लेट लेकर निचे पहुच गया और बोला, ” बच्चों की तरह जगडा  करते हो| अब झगड़ा बंद करो और में तुम्हारे लिए पिज़्ज़ा लाया हूँ, इसे खाकर दोस्ती कर लो|”

छोटे से बाचे के मुह से ऐसी बात सुनकर दोनों चुप हो गए| पास खड़े तमाशा देख रहे लोग भी हस दिए| कुछ देर पहले धमकियों वाला गंभीर माहोल अब हसी में उड़ गया| जब हैरी ऊपर आया तो सबने हैरी को शाबाशी दी और पुछा, “बेटा यह बात तुम्हारे दिमाग में कैसे आई ?”

हैरी ने बड़ी ही मासूमियत से ज़वाब दिया, “घर में जब भी मम्मी पापा का झगडा होता है तो खाना नहीं बनता, तब घर में पिज़्ज़ा आता है और दोनों की दोस्ती हो जाती है|”

अब झेपने की बरी हैरी की मम्मी की थी और सब ठहाके लगा रहे थे !!

पिज़्ज़ा हिंदी कहानी | Pizza A Short Story in Hindi


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