LOVE STORY

love story in hindi

Hindi Love Story


साथियों नमस्कार! प्यार, मुहोब्बत, इश्क जब इन्सान को इनमें से कोई एक चीज मिल जाती है तो उसे दुनियां में बाकी सारी चीजें छोटी लगने लग जाती है | जी हाँ, Hindi Short Stories के पाठकों के दिलों की धडकनों को बढ़ाने के लिए आप सभी के लिए पेश हे HINDI LOVE STORY

साथियों, हम सभी को अपनी ज़िन्दगी में कभी ना कभी मुहोब्बत ज़रूर होती है | आपको भी हुई होगी और अगर ना हुई हो तो अब हो जाएगी| सभी के दिलों का अरमान होता है, कि जिनसे उन्हें मुहोब्बत है वो भी उनसे उतनी ही मुहोब्बत करें और अगर मुहोब्बत सच्ची हो तो आग दोनों तरफ लगी होती है|

इसलिए लगभग हर HINDI  LOVE STORY में हमें कहीं ना कहीं हमारी कहानी छुपी हुई दिखाई देती है | इसलिए Hindi Short Stories हमारे सभी पाठकों के लिए कुछ खास कहानियां पेश करने जा रहा है………

धन्यवाद्!

दशहरा  | Love Story

दशहरा पर इस बार मैं अपने शहर आया हूँ पूरे 5 साल बाद, मैं यानी वीर सिंह राजपूत! अभी घर से दूर रहता हूँ और मुश्किल से ही घर आ पाता हूँ!

खैर थोड़े देर आराम करने पर दोस्तो की याद सताई तो सबको फ़ोन लगाया पर अफसोस कोई भी इस बार की दशहरा में घर नही आया था!

शाम होते-होते मेरी हिम्मत जवाब दे गई सो थोडा टहलने के लिए में बहार निकला| सोचा थोडा पार्क की सैर कर ली जाए… जब मैं पार्क में घूम रहा था तो मेरे पैर अनायास ही झील की तरफ मुड़ गए|

वहां मेरे पुराने दिनों की सबसे ख़ास जगह आज भी थी! मोड़ पर बनी वो स्पेशल अदरक वाली  चाय की दुकान जिसकी चाय मुझे माँ के हाथ की बनी चाय के बाद बेहद पसंद थी|

मैं बचपन से चाय का दीवाना था इसलिए हर शाम अपने कॉलेज से आने के बाद वहाँ जाकर अपनी स्पेशल अदरक वाली चाय ज़रूर पीता और फिर झील की सीढ़ियों पर पानी में पैर लटकाकर घण्टों बैठा रहता|

खैर बचपन के दिनों को याद करते हुए में आगे बढ़ता-बढ़ता अपनी सबसे खास जगह पर आ पहुंचा था| इस जगह को देखकर मुझे अपने कॉलेज के दिन याद आ गए|

कॉलेज में एडमिशन के 2 महीने बाद अपने क्लास में एक नई लड़की आयी थी बिल्कुल मेरे पास वाले बेंच में बैठी थी, ये वही लड़की थी जिसके चलते हमारी अटेंडेंस कॉलेज में बढ़ गई थी|

पहले हमें रोज सुनना होता था कि आजकल बच्चे एडमिशन ले लेते और गायब हो जाते है एग्जाम तक!

आज जब अपनी अटेंडेंस के समय वो अपनी उपिस्थिती दर्ज करा रही थी तो उसकी प्यारी आवाज़ (Present Sir) सुनकर अपने क्लास में बैठे सभी लड़के लड़कियों का चेहरा उसकी तरफ़ मुड़ गया था|

उसकी आवाज़ सुनकर टीचर बोले “अच्छा तो वो आप है जिसका ये आज पहला क्लास है ??” (Yess Sir)  मैं उसकी आवाज़ सुनकर मन्त्रमुग्ध हो उठा था!

मुझे उससे बात करने का मन था| मुझे उसे अपना दोस्त बनाना था, सबसे अच्छा दोस्त जिसका साथ कभी न छूटे, मुझे उससे बात करनी थी पर समझ नही आ रहा था कि क्या कहूँ और कैसे शुरुआत करूँ!

खैर हिम्मत जुटाकर, अपनी लड़खड़ाती ज़बान से उससे पूछा था, hello क्या नाम है आपका ? और वो मेरी ओर मुड़कर थोड़े सख्त स्वर में बोली थी “नाम जानकर क्या करोगे??”

मैं पहली बार उसे देख रहा था, बड़ी -बड़ी आंखे , मेकअप किया हुआ आईब्रो, गुलाबी सुंदर होंठ और एक प्यारा बडा सा तिल| मैं उसे देखकर खो सा गया था|

पहली नज़र में ही वो मुझे पसंद आ गई थी! मैं सपनो की दुनिया मे खोकर दिन-रात बस उसे अपना बनाने के सपना देखने लगा था!

मैंने फिर उससे बड़े प्यार से पूछा कि नाम जानकर क्या कर लूंगा? बस एक दोस्तो बन जाएगा| उसका दिल शायद पिघला और वो बोली, “मीरा सिंह राजपूत” नाम है मेरा! वो अपना नाम ऐसे  बताई जैसे राजपूत होने का रौब हो उस पर!

मीरा सिंह राजपूत, मैं नाम सुनकर मुस्कुरा दिया! कुछ कहा नही, वो मेरा मुस्कुराना नहीं समझ पायी! क्लास खत्म होने में अभी 20 मिनट बाकी थे| इतनी देर में, मैं ना जाने अपने मन मे क्या-क्या सपने बून लिया था|

क्लास खत्म हो गयी थी सब लडके लडकिया क्लास से बाहर चले गए थे लेकिन मैं अभी भी अपनी दुनिया मे मस्त खोया हुआ था! आज घर नहीं जाना है क्या तुम्हें?? उसने पूछा तो मेरा ध्यान टूटा|

हां चलते है ना – मेने कहा!  फिर उसने पूछा कि तुमने अपना नाम नही बताया?
आपने पूछा कहाँ? मेने कहा

इस बार वो हँस पड़ी थी! फिर उसने पूछा- “तो आपका नाम क्या है ज़नाब??” मैं- वीर सिंह राजपूत, मेने भी कुछ इस कदर कहा जैसे मुझे भी अपने राजपूत होने पर गर्व हो|

मेरे इस अंदाज़ पर इस बार उसने भी मुस्कुरा
दिया था|इतनी देर में हम गेट तक आ चुके थे, अब हमारी पहली मुलाकात का बिछड़ने का समय था|

मेरा मन डूब रहा था तभी गेट पर उसे लेने एक कार आयी और वो चली गयी! उस शाम जब मैं अपनी पसंदीदा चाय पी रहा था तो वो मुझे पास वाले कॉफी बार मे नज़र आई|

मैं उसे देखना चाहता था! उससे बात करना चाहता था! पर वो मुझे नही देखी और मेरी आंखों से ओझल हो गयी|

जब मैं झील की सीढ़ियों पर पैर पानी मे लटका कर बैठा था तो  मुझे अपने पास बहुत खाली जगह महसूस हो रही थी मेरा मन कह रहा था – काश! वो मेरी तरह पैर पानी मे लटका कर मेरे साथ बैठे!

कॉलेज में हम दोनों धीरे धीरे दोस्त बन रहे थे पर वो मुझसे  ज्यादा बात नहीं करती  थी और मैं उससे बात करने का बस बहाना ढूंढता फिरता रहता था!

एक दिन उसने मुझे चाय की दुकान पर देखा वो कॉफी बार मे कॉफी पीने आई थी| उसे काफ़ी बहुत पसंद थी, अपनी जान से भी ज्यादा! तुम मेरा पीछा करते हो क्या ??? उसने पुछा

नहीं तो! मैं यहाँ  रोज चाय पीने आता हूँ – मेने मुस्कुराते हुए कहा|

तुम पिओगी मेरी स्पेशल अदरक वाली चाय ?? मेने पूछा| वो मुस्कुराई! फिर हम दोनों चाय पीकर झील घूमने लगे!और क्या क्या पसंद है तुम्हे? मैं- मुझे यहाँ बैठना बेहद पसन्द है मैं अपनी जगह उसे दिखाते हुए बोला!

तुम बैठोगी यहाँ मेरे साथ?? नहीं अभी नहीं अब मैं जा रही हु तुम बैठो अपनी Favourate Place पर! कहकर वो चली गई|

लेकिन उस दिन के बाद वो मुझे चाय पर रोज मिलने लगी थी! हम साथ स्पेशल अदरक वाली चाय पीते, थोड़ी देर घुमते और फिर वो चली जाती!

अब मुझे पानी में पैर लटका कर बैठने में पहले जैसा सुकून नहीं मिलता था| एक अकेलापन सा महसूस होता था! शायद मैं उसका ज़िंदगी भर का साथ चाहने लगा था! शायद मुझे प्यार हो गया था उससे|

हमारा 11th खत्म हो गया था वो क्लास की Topper थी और मैं 2nd
हमारी जोड़ी जमने लगी थी हम एक दूसरे से प्यार करने लगे थे|

स्कूल की छुट्टियाँ हो गई थी| और हमारा मिलना भी बंद हो गया था| में बस अब बेसब्री से स्कूल के फिर से शुरू होने का इंतज़ार कर रहा था|

कुछ ही दिनों बाद स्कूल फिर से शुरू हो गए थे| लेकिन मेरा इंतज़ार अब भी ख़तम नहीं हुआ था| 12th में वो अचानक कही चली गयी! पता नहीं कहाँ ?? फिर हम  कभी नहीं मिल पाए|

मैं उसके बिना टूट गया था, चिड़चिड़ा हो गया था| उसे भूलना मुश्किल था मेरे लिए!

मेरा मन अब किसी चीज़ में नही लगता था न
पढ़ाई में न चाय पीने में और ना ही अब झील घूमने में! उसकी याद सताती थी मुझे वहाँ! मैंने  अब झील जाना छोड़ दिया था औऱ चाय पीना भी|

 12th बोर्ड में मेरे कम मार्क्स आये थे| फिर मुझे दूसरे शहर जाना पड़ा| घर मैं अब कम ही आ पाता था

आज जब मैं चाय के दुकान से गुजरा तो मेरे सामने वो खड़ी थी| “मीरा सिंह राजपूत” वही बड़ी बड़ी आंखे, वही आईब्रो, वही गुलाबी होंठ और प्यारा सा तिल|

उसे देख कर मैं असहज हो गया! मेरे पैर लड़खड़ा रहे थे, मुझे कुछ समझ नही आ रहा था| तभी वो सामने से आकर बोली – मुझे स्पेशल अदरक वाली चाय नही पिलाओगे??

मैं किसी तरह काँपते हाथों से उसके लिए चाय लाया| चाय पीने बाद हम उसकी ज़िद पर झील घूम रहे थे| मैं उससे पूछ नहीं पाया कि तुम कहाँ चले गए थे ?

वो चलो न तुम्हारी Favorite Place पर बैठते है| पानी में पैर लटका कर! मैं अवाक था उसे सब याद था| मेरे मन मे कई सवाल थे| आखिर क्यों उसने मुझसे इतने दिन मिलने की कोशीश  नहीं की ??

हम दोनों आज साथ बैठे थे| झील की सीढ़ियों पर पानी मे पैर लटकाकर हाथो में हाथ डाल कर !!!

आज मुझे यह समझ आ गया था की… मुहोब्बत का कोई वक्त, कोई  ठिकाना नहीं होत| ज़िन्दगी के हंसी सफ़र में ना जाने कब, कहाँ और कैसे कोई हमसफ़र मिल जाए..जिसे मिलने पर ज़िन्दगी और वक़्त के बस वहीँ रुक जाने का दिल करे, लगे मानो बस इसी की तो हमें तलाश थी

“रवि शंकर सिंह”

HINDI LOVE STORY

True Love Stories in Real Life in Hindi

एक नई ज़िन्दगी

दोस्तों, ज़िन्दगी एक ऐसा हसीं सफ़र है जहाँ हम रोज़ एक नए पल को जीते हैं| इन पलों में कई पल हमें ख़ुशी दे जाते हैं और कई पल दुःख के सागर से भरे होते हैं| लेकिन सुख और दुःख में हमारे अपनों का साथ निभाना ही ज़िन्दगी है| कुछ इन्हीं खयालों से औत-प्रोत है हमारी आज की कहानी “एक नई ज़िन्दगी | True Love Stories in Real Life in Hindi ” जिसे लिखा है हमारी मण्डली के सदस्य “गौरांग सक्सेना” ने!!

Real Love Story in Hindi

कोरा कागज़ | Real Love Story

बात लगभग 40 साल पहले की है जब विवाह को दो दिलों का मेल ना समझ कर बस एक रस्म की तरह निभाया जाता था| लेकिन जब दो अजनबी अचानक अपनि ज़िन्दगी किसी के साथ बाँटने लग जाए, जब किसी के लिए दिल में सम्मान के भाव आने लग जाए तो प्यार हो ही जाता है| खैर चलिए इतना तो आप जानते ही है और यह भी जान गए होंगे की हम आपको आज यह प्यार मुहोब्बत वाली बातें क्यों बता रहें हैं, जी हाँ आज हम आपके लिए प्यार भरी एक और कहानी लेकर आए हैं, कोरा कागज़

Muskurahat | True Love Story

मुस्कुराहट | True Love Story

जी हाँ, मुहोब्बत का कोई वक्त और ठिकाना नहीं होता…ज़िन्दगी के हंसी सफ़र में ना जाने कब, कहाँ और कैसे कोई हमसफ़र मिल जाए..जिसे मिलने पर ज़िन्दगी और वक़्त के बस वहीँ रुक जाने का दिल करे, लगे मानो बस इसी की तो हमें तलाश थी! कुछ ऐसे ही किस्से कहानियों से रूबरू कराती हमारी आज की यह कहानी "मुस्कराहट"

Barsaat Hindi Kahani

बरसात | Barsaat Kahani

प्रेम ही दुनियां में एक ऐसी चीज है जो हमें जीवन जीने की एक नई दिशा दिखाती है| इसी कड़ी में प्रेम की परिभाशा को भली भांति समझने के लिए हम एक और खास कहानी आपसे साझा कर रहें हैं आशा है आपको हमारी यह कहानी बहुत पसंद आएगी|

साथियों आपको “HINDI LOVE STORY हमारा यह आर्टिकल कैसा लगा हमें कमेंट सेक्शन में ज़रूर बताएं और हमारा फेसबुक पेज जरुर LIKE करें!

साथियों अगर आपके पास कोई भी रोचक जानकारी या कहानी, कविता हो तो हमें हमारे ईमेल एड्रेस [email protected] पर अवश्य लिखें!

अब आप हमारी कहानियों Funny Story in Hindi का मज़ा सीधे अपने मोबाइल में हमारी एंड्राइड ऐप के माध्यम से भी ले सकते हैं| हमारी ऐप डाउनलोड करते के लिए निचे दी गए आइकॉन पर क्लिक करें!

Hindi Short Stories

यह भी पढ़ें:-

MORAL STORIES IN HINDI पढने के लिए यहाँ क्लिक करें!
TRAVEL STORIES पढने के लिए यहाँ क्लिक करें!
BIOGRAPHY पढने के लिए यहाँ क्लिक करें!
अपने दोस्तों, रिश्तेदारों के साथ शेयर करें!
  •  
  •  
  •