किसी और से-Love Poem in Hindi

Love Poem in Hindi

किसी और से-Love Poem in Hindi


Love  Poem in Hindi

क्यों कहू तुझसे की ना करूँगा मुहोब्बत अब किसी और से ,
कहने को वेसे भी अब क्या रहा,जो बात करूँगा किसी और से
वक्त दर वक्त, लम्हा दर लम्हा गुज़रे जो ज़िन्दगी…
तेरी तरह, तेरे जैसे कोई लगा ले मुझे गले, क्या खुद जा के कह सकूँगा किसी और से ?

जा कह भी दू वैसा, जैसा तू करती थी मेरे लिए…
पर जो प्यार भरी बाते मेरे लब पे थी तेरे लिये, क्या वो जा के कह सकूँगा किसी और से ?

ना कर उम्मीद मेरे रोने और हसने की तेरे जाने के बाद,
तेरी बेवफाई की बाते क्या अब कर सकूँगा किसी और से ?

में जानता हु तू अब भी प्यार करती हे मुझसे …

किसी और से-Hindi Poetry
किसी और से-Love Poem in Hindi

मेरे दिल की बाते क्या तेरे सिवा कह सकूँगा किसी और से ?

इंतजार हे उस वक्त का जब तू लौट आएगी…
तू लौट आएगी मेरी ज़िन्दगी मे फिर से क्या ये जा के कह सकूँगा किसी और से ?

Love Poem in Hindi

copyright©hindishortstories.com

और पढ़े->भूख-Hindi Poetry

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *