Top 10 Place to Visit in Khandwa Madhyapradesh | खण्डवा में घूमने के लिए ‌10 शानदार जगहें

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साथियों नमस्कार, हमारी खास सीरीज “Travel Stories” में हम हर बार किसी खास शहर के बारे में आपसे चर्चा करते हैं| आज इसी कड़ी में हम आपके लिए एक खास Travel Story “Top 10 Place to Visit in Khandwa Madhyapradesh | खण्डवा में घूमने के लिए ‌10 शानदार जगहें ” लेकर आएं हैं आशा है आपको हमारा यह संकलन ज़रूर पसंद आएगा|

अगर आप खण्डवा या इसके आस-पास निवास करते हैं या इस शहर के बारे में कोइ भी जानकारी रखते हैं तो हमें Comment Section में बताना ना भूलें|


Top 10 Place to Visit in Khandwa Madhyapradesh | खण्डवा में घूमने के लिए ‌10 शानदार जगहें

खण्डवा मध्यप्रदेश राज्य का एक छोटा शहर हैं। जो कि दक्षिण पश्चिम में स्थित जिला हैं। यह जिला नर्मदा औंर ताप्ती घाटी के मध्य बसा हैं। यह जिला मध्यप्रदेश के इंदौर संभाग में हैं। किन्तु यदि पर्यटन की दृष्टि से देखा जाए तो खण्डवा जिले में बहुत से स्थान ऐसे हैं, जो घूमने के लिए उचित हैं।

कई स्थानो से पौराणिक और ऐतिहासिक मान्यताएँ भी जुड़ी हैं। अगर आप खण्डवा आना चाहते हैं तो हवाई मार्ग, रेलमार्ग औंर सड़क मार्ग से यात्रा करके आ सकते हैं।

खण्डवा का निकटतम हवाई अड्डा इंदौर का देवी अहिल्याबाई होलकर हवाई अड्डा हैं। जो कि खण्डवा से करीब 130 किमी दूर हैं। इंदौर देश के विभिन्न शहरों से नियमित फ्लाइट्स के माध्यम से जुड़ा हुआ है।

रेल मार्ग की दृष्टि से खंडवा रेलवे स्टेशन दिल्ली मुंबई रूट का प्रमुख रेलवे स्टेशन है। यह रेलवे स्टेशन विभिन्न ट्रेनों के माध्यम से देश के अनेक शहरों से जुड़ा है।

Top 10 Place to Visit in Khandwa Madhyapradesh

खंडवा सड़क मार्ग द्वारा राज्य के विभिन्न शहरों से जुड़ा हुआ है। राज्य के अधिकांश जिलों से यहां के लिए नियमित बसों की व्यवस्था है।
खण्डवा जिला मध्यप्रदेश का प्रसिद्ध जिला हैं। बात की जाए शहर में स्थित पर्यटन स्थानो की, तो इसमें यहाँ के प्रसिद्ध चार कुण्ड रामेश्वर कुण्ड, सुरजकुण्ड, भीमकुण्ड औंर पद्मकुण्ड शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त श्री दादाजी धूनीवाले का मंदिर, नवचंडी देवी धाम, प्रसिद्ध गायक किशोर कुमार स्मारक नागचून तालाब, भवानी माता मंदिर भी शहर के पर्यटन स्थानों में शामिल हैं।

खंडवा में स्थित चार कुंड ऐतिहासिक धरोहर के रूप में विराजमान है पूर्व में सूरज कुंड, पश्चिम में पद्मकुंड, उत्तर में रामेश्वर कुंड और दक्षिण में प्रसिद्ध भीमकुंड स्थापित है।

इसके अतिरिक्त जिले के प्रसिद्ध स्थानों में ओमकारेश्वर, हनुवंतिया टापू, संत सिंगाजी मंदिर शामिल हैं।
अब हम क्रम से एक एक स्थान के बारे में विस्तृत रूप से जानेंगे। ताकि आप जब कभी भी खण्डवा घूमने आए, तो आप के मन मे कोई संकोच ना हो।

“Top 10 Place to Visit in Khandwa Madhyapradesh | खण्डवा में घूमने के लिए ‌10 शानदार जगहें”

1. ओमकारेश्वर मंदिर | Omkareshwar Temple Khandwa

Top 10 Place to Visit in Khandwa Madhyapradesh

ओमकारेश्वर यहां का बहुत ही प्रसिद्ध लोकप्रिय और पवित्र धार्मिक स्थल है। ओमकारेश्वर मंदिर खंडवा जिले से लगभग 75 किलोमीटर दूर नर्मदा नदी के बीच मांधाता या शिवपुरी नामक द्वीप पर स्थित है। यह भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग में से एक है। यह द्वीप हिंदू पवित्र चिन्ह ॐ के आकार में बना है।

यहां दो मंदिर स्थित है, एक ओमकारेश्वर और दूसरा ममलेश्वर। ओमकारेश्वर का निर्माण नर्मदा नदी से स्वत: ही हुआ है। वह नर्मदा नदी जो मध्य प्रदेश की जीवन रेखा मानी जाती है। शास्त्रों में जो पुण्य जमुना जी में 15 दिन के स्नान व गंगा जी मे 7 दिन के स्नान का है। वही पुण्य फल नर्मदा जी के दर्शन मात्र से प्राप्त होता हैं।

माना जाता है कि कोई भी तीर्थयात्री देश के भले ही सारे तीर्थ कर ले किंतु जब तक वह ओमकारेश्वर आकर किए गए तीर्थों का जल लाकर यहां नहीं चढ़ाता, उसके सारे तीर्थ अधूरे माने जाते हैं।

नर्मदा किनारे जो बस्ती है इसे विष्णुपुरी कहते हैं। यहां नर्मदा जी पर पक्का घाट है। सेतु अथवा नौका द्वारा नर्मदा जी को पार करके यात्री मांधाता द्वीप में पहुंचते हैं। उस और भी पक्का घाट है। यही घाट पर स्नान करके यात्री ओमकारेश्वर मंदिर में दर्शन करने जाते हैं। मंदिर घाट से थोड़ी ऊंचाई पर है।

मांधाता टापू में ही ओंकारेश्वर की दो परिक्रमाएँ होती है – एक छोटी और एक बड़ी। ओंकारेश्वर की यात्रा 3 दिन की मानी जाती है। इस 3 दिन की यात्रा में यहां के सभी तीर्थ आ जाते हैं।

ओमकारेश्वर की परिक्रमा के दौरान हमें यहां नर्मदा कावेरी संगम भी देखने को मिलता है। ओमकारेश्वर मंदिर में शिवभक्त कुबेर ने तपस्या की थी। तथा शिवलिंग की स्थापना की थी। कुबेर के स्नान के लिए शिव जी ने अपनी जटा के बाल से कावेरी नदी उत्पन्न ने की थी। यही नदी कुबेर मंदिर के बाजू से होकर नर्मदा नदी में मिलती है।

यही कावेरी नदी ओंकार पर्वत का चक्कर लगाते हुए संगम पर वापस नर्मदा जी से मिलती है। इसे ही नर्मदा कावेरी संगम कहते हैं।
प्रति माह की अमावस्या को क्षेत्र के लोग ओमकारेश्वर स्नान के लिए जाते हैं। मानो नर्मदा के जल से सब पवित्र होना चाहते हैं।

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साथ ही ओमकार पर्वत की परिक्रमा भी करते हैं यहां का भक्ति पूर्ण वातावरण देख मन प्रसन्न होता है। मन में शांति का अनुभव होता है।
ममलेश्वर भी ज्योतिर्लिंग है। ममलेश्वर मंदिर अहिल्याबाई ने बनवाया था।

यात्री चाहे तो पहले ममलेश्वर मंदिर के दर्शन कर ले फिर नर्मदा पार कर ओमकारेश्वर मंदिर जाए। किंतु नियम पहले ओमकारेश्वर मंदिर दर्शन का ही है, लौटते समय ममलेश्वर मंदिर दर्शन करें।

भगवान ओमकारेश्वर की आराधना के लिए कई भक्त आए दिन यहां आते रहते हैं। किंतु श्रावण मास में ओमकारेश्वर जाना, ओंकार पर्वत की परिक्रमा करना और भगवान शिव की आराधना करने से मन अत्यंत प्रसन्न हो जाता है। श्रावण मास में यहां का वातावरण एक अलग ही रूप में ढल जाता है जैसे स्वयं शिव शंभू यहां आकर विराजमान हो गए।

बहुत ही खूबसूरत स्थान है – ओमकारेश्वर। जहाँ हमें नर्मदा जी औंर ओमकारेश्वर तथा ममलेश्वर ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने को मिलते हैं। साथ ही यहाँ की धर्मशालाओं में ठहरने औंर खाने की उत्तम व्यवस्थाएँ भी हैं। तो आईये आप भी ओमकारेश्वर की यात्रा कर पुण्य लीजिये।

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2. हनुवंतिया टापू | Hanumantiya Tapu Khandwa

Top 10 Place to Visit in Khandwa Madhyapradesh | Hanumantiya Tapu | हनुमंतिया टापू

मध्य प्रदेश पर्यटन का जल पर्यटन गंतव्य हैं। इस टापू को मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम द्वारा विकसित एवं प्रचारित किया गया है। यह टापू खंडवा जिले की मूँदी तहसील में स्थित है। खंडवा से हनुवंतिया टापू की दूरी लगभग 48 किलोमीटर है।

इंदिरा सागर बांध के निर्माण से उत्पन्न हुई मेड के कारण एक विशाल झील का जन्म हुआ। इस झील की पर्यटन के रूप में महत्ता को जानते हुए मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग ने इस स्थान को एक उत्तम पर्यटकीय स्थान के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया।

पर्यटन की दृष्टि से देखा जाए तो हनुवंतिया टापू एक बेहद खूबसूरत इलाका है, जहां पर अावास और भोजन की उत्तम व्यवस्थाएँ हैं। यहाँ एक और मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम का एक होटल उपलब्ध हैं “हनुवंतिया टूरिस्ट काॅम्पलेक्स” और दूसरी ओर पार्क हैं। जहाँ पर बच्चों के लिए झूले भी लगें हुए हैं।

यहाँ पर जल में नौका विहार, क्रूज राइड की सुविधा भी हैं। तथा आसपास कई पशु पक्षी भी देखने को मिलते हैैं, जो आकर्षण का केन्द्र होते हैं।

टापू पर तीनों प्रमुख मौसम अर्थात ग्रीष्म ऋतु, वर्षा ऋतु व शीत ऋतु का अनुभव किया जा सकता है।
यहां 12 से 21 फरवरी 2016 को पहला जल महोत्सव आयोजित किया गया था। उत्सव के दौरान यहां पर पर्यटन विभाग द्वारा कई सारी गतिविधियां शुरू की जाती है। जैसे पतंगबाजी, वॉलीबॉल कैंप फायर, स्टार गेजींग, साइकिलिंग पैरामोटरिंग, पैरासेलिंग, हॉट एयर बलून बर्ड वाचिंग आदि।

इस प्रकार खण्डवा जिले के अंतर्गत आने वाला हनुवंतिया टापू पर्यटन के लिए सबसे उचित स्थान हैं। यहाँ आकर आप अपने परिवार के साथ वक्त बिता सकते हैं । दूर तक पानी से भरा तालाब औंर हरियाली मन को प्रसन्न कर देते हैं। प्रकृति का एक सुन्दर स्वरूप यहाँ देखने को मिलता हैं।

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3. संत सिंगाजी धाम मंदिर | Sant Singhaji Dham Temple Khandwa

Top 10 Place to Visit in Khandwa Madhyapradesh | Singaji Dham Temple | सिंघाजी धाम मंदिर

खंडवा पूर्व निमाड़ क्षेत्र है और संत सिंगाजी महाराज निमाड़ के प्रसिद्ध संत थे।
सिंगाजी का जन्म 1519 ईसवी में पिपलिया नामक कस्बे के निकट खजूरी गांव में एक ग्वाला परिवार में हुआ था। इनके जन्म स्थान खजूरी ग्राम का नामकरण उन्हीं के नाम पर किया गया है।

सिंगाजी मध्य प्रदेश में खंडवा से 28 मील उत्तर पूर्व में हरसूद तहसील का एक छोटा सा गांव है। संत सिंगाजी ने 40 वर्ष की आयु में ही समाधि ले ली थी। संत सिंगाजी को 16वीं या 17वीं शताब्दी के काल का माना जाता है। कहा जाता है कि सिंगाजी एक कवि व करामाती संत थे।

पूरे मध्यप्रदेश में अनेकों स्थानों पर सिंगाजी के डेरे व समाधियाँ बनी हुई है। जहां पर मेलों का आयोजन भी किया जाता है। संत सिंगाजी के आध्यात्मिक गीत आज तक गाए जाते हैं।

संत सिंगाजी महाराज का समाधि स्थल पर्यटन की दृष्टि से आकर्षक है। एक टापू जिस पर सिंगाजी की समाधि व मंदिर बना हुआ है। और इसके इर्द-गिर्द जल ही जल है।

प्रतिवर्ष निमाड़ के प्रसिद्ध संत सिंगाजी महाराज का मेला शरद पूर्णिमा पर लगता है। इस मेले में करीब ढाई लाख से ज्यादा श्रद्धालु सिंगाजी के दर्शन के लिए आते हैं। इस मेले में निमाड़ की संस्कृति झलकती दिखाई देती है।

संत सिंगाजी महाराज के मंदिर प्रांगण में पहुंचते ही श्रद्धालु पहले पीछे की ओर घाट पर स्नान करते हैं। तत्पश्चात सीढ़ियों से चढ़कर ऊपर सिंगाजी मंदिर में माथा टेकने जाते हैं। सिंगाजी की वास्तविक समाधि मंदिर के नीचे तलघर में बनी है। ऊपर मंदिर में उनके पद चिन्हों की छाप है।

संत सिंगाजी महाराज का यह समाधि मंदिर निमाड़ का प्रमुख पर्यटन स्थल व पौराणिक मंदिर है। जिसकी मान्यता पूरे निमाड़ में है। और क्षेत्र के लोग यहां मन्नत मांगने भी आते हैं।

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4. धूनीवाले दादाजी का मंदिर | Dhuni Wale Dadaji Temple Khandwa

Top 10 Place to Visit in Khandwa Madhyapradesh | धुनिवाले दादाजी मंदिर खंडवा | Dhuni wale dadaji mandir khandwa

खंडवा में स्थित श्री धूनीवाले दादाजी का मंदिर खंडवा का स्थानीय मंदिर है। जो कि विश्व प्रसिद्ध है। धूनीवाले दादाजी ( श्री केशवानन्द जी महाराज) की गिनती भारत के महान संतों में की जाती है। दादाजी धूनीवाले मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के एक छोटे से गांव नेमावर (साईंखेड़ा) में एक पेड़ से प्रकट हुए थे।

वह शिवजी के बहुत बड़े भक्त थे। धूनीवाले दादाजी ने साईं खेड़ा में अनेक अनेक लीलाएं की उसके बाद दादाजी खंडवा आ गए। यहा आकर उन्होंने धूनी माई प्रज्वलित की। वर्षों तक अनेक लीलाएं करते हुए श्री दादाजी महाराज ने नगर खंडवा में ही समाधि ले ली। दादा जी द्वारा प्रज्जवलित धूनी आज भी दादाजी दरबार में जल रही है।

श्री दादाजी महाराज खंडवा नगर की बेशकीमती धरोहर है। उन्हीं के नाम से खंडवा नगरी जानी जाती है। खंडवा में दादाजी महाराज का लगभग 14 एकड़ में फैला विश्व प्रसिद्ध मंदिर है। जिसे दादाजी की समाधि के बाद उन्हीं के परम शिष्य श्री हरिहर भोले भगवान (छोटे दादाजी) ने बनवाया था।

छोटे दादा जी की समाधि लेने के बाद आज यह मंदिर ट्रस्ट द्वारा संचालित हो रहा है। इसी मंदिर परिसर में श्री छोटे दादाजी की समाधि भी है।
दादाजी का मंदिर खंडवा रेलवे स्टेशन से 3 किलोमीटर की दूरी पर है। सप्ताह के हर गुरुवार क्षेत्र के लोग दादाजी मंदिर दर्शन के लिए जाते हैं।

हर वर्ष गुरु पूर्णिमा के दिन दादाजी मेले का आयोजन किया जाता है। उस दिन पूरे खंडवा शहर में जगह-जगह भंडारे होते हैं। दूर-दूर से भक्त दादा जी के दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर परिसर में पैर रखने तक की जगह नहीं होती पूरा खंडवा शहर दादाजी के जयकारों से गूंजता है। ऐसा लगता है कि हर कोई दादा जी की भक्ति में मगन हो गया।

मंदिर प्रांगण में दादाजी की बेशकीमती वस्तुएं रखी हुई है। और वही गौशाला भी है। दादाजी के प्रसाद के रूप में “हलवा” और “रोट” बाँटा जाता हैं। दादाजी मंदिर खण्डवा का तीर्थ माना जाता हैं।

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5. माँ तुलजा भवानी माता मंदिर | Tulja Bhavani Mandir Khandwa

Top 10 Place to Visit in Khandwa Madhyapradesh | धुनिवाले दादाजी मंदिर खंडवा | Dhuni wale dadaji mandir khandwa

खण्डवा का प्रसिद्ध भवानी माता मंदिर अत्यंत प्राचीन व पौराणिक मंदिर हैं। यह मंदिर दादाजी धूनीवाले मंदिर के पास ही स्थित हैं। यह मंदिर माता तुलजा भवानी को समर्पित हैं। यहाँ प्रतिदिन भक्तो की भीड़ लगी रहती हैं। माना जाता हैं कि भगवान राम अपने वनवास के दौरान यहाँ आए थे औंर उन्होने यहाँ 9 दिन तक तपस्या की थी।

माँ तुलजा भवानी के प्रागंण में प्रतिवर्ष नवरात्रि में गरबा महोत्सव का आयोजन किया जाता हैं। जिसमें युवक युवतियाँ बड़ चड़ कर हिस्सा लेते हैं। नवरात्रि में माता की विशेष आरती व पूजा अराधना की जाती हैं औंर दीप भी प्रज्जवलित किए जाते हैं।

यहीं मंदिर प्रागंण में रामजी का मंदिर हैं। जिसमें प्रभु श्रीराम, माता जानकी, भ्राता लक्ष्मण व भक्त हनुमान के साथ विराजमान है। यहाँ तुलजेश्वर महादेव औंर तुलजेश्वर हनुमान जी का मंदिर भी हैं। माना जाता हैं कि माता के दरबार में मांगी गई हर मुराद पूरी होती हैं।
यहाँ का वातावरण सदैव भक्ति से परिपूर्ण रहता हैं। यहाँ आकर आध्यात्मिक शांति की अनुभूति होती हैं।

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6. नागचून तालाब | Nagchun Talab Khandwa

Top 10 Place to Visit in Khandwa Madhyapradesh | Nagchun Talab Kandwa | नागचून तालाब खंडवा

खंडवा से लगभग 5 किलोमीटर दूर नागचून गांव के पास एक तालाब है। जिसे नागचून तालाब कहा जाता है। यह शहर का जाना माना पिकनिक स्पॉट है। जिसमें एक और दूर तक तालाब है तो दूसरी और हरियाली ही हरियाली। शहर के लोग अक्सर यहां घूमने आते रहते हैं।

मध्य प्रदेश के खंडवा में हनुवंतिया के बाद नागचून दूसरी जगह है जहां पर्यटक घूमने जाते हैं। मध्य प्रदेश पर्यटन निगम द्वारा खंडवा के प्राचीन नागचून तालाब को संवार कर इसे पर्यटकों के लिए विकसित किया गया है।

पूरे नागचून क्षेत्र को पार्क के रूप में विकसित किया गया है। इस पार्क में आपको कई कमल खिले हुए दिखाई देंगे। इस अथाह जल राशि वाले नागचून क्षेत्र को अटल सरोवर नाम दिया गया है।

पर्यटकों के लिए बोट क्लब द्वारा स्पीड बोट, बनाना राइडिंग की सौगात दी जा रही है। यहां वाटर स्पोर्ट्स वाटर गेम्स आयोजित होते हैं। इसके अतिरिक्त फोटोग्राफी के लिए भी यह स्थान बहुत सुंदर है।

तालाब का पानी आसपास के क्षेत्र में पीने के लिए उपयुक्त हैं। चूँकि नागचून ग्रामीण क्षेत्र के अन्तर्गत आता हैं। इसलिए तालाब का पानी सिंचाई के लिए भी उपयोग किया जाता हैं। तालाब किनारे बैंठ कर ठण्डी हवा का आनन्द लेने के लिए आए दिन लोग यहाँ आते रहते हैं।

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7. माँ नवचण्डी देवी धाम | Nav Chandi Devi Temple Khandwa

Top 10 Place to Visit in Khandwa Madhyapradesh | Navchandi Devi Mandir Khandwa | नवचंडी देवी मंदिर खंडवा किशोर कुमार स्मारक | Kishor Kumar

खंडवा के लवकुश नगर में माँ नवचंडी देवी धाम का मंदिर बना है। यह शहर की उत्तर दिशा में है। यह मंदिर देवी शक्ति को समर्पित है। जो देवी पार्वती का एक अवतार रूप है। यह मंदिर खंडवा का एक धार्मिक स्थान है। जो पर्यटन स्थल के रूप में परिवर्तित हो गया हैं।

यह‌ मंदिर खंडवा का लोकप्रिय मंदिर है। और आध्यात्मिक दृष्टि से भी आकर्षण का केन्द्र हैं। इस मंदिर का निर्माण बाबा गंगा ने करवाया। नवचंडी देवी धाम मंदिर रेलवे स्टेशन से 4 किमी की दूरी पर हैं। नवचंडी माता के मंदिर के साथ साथ यहाँ भगवान शिव का मंदिर, कालीमाता मंदिर, शीतला माता मंदिर भी स्थापित हैं।

प्रतिवर्ष यहां फरवरी माह में मेला लगता है। जो कि मार्च माह के अंत तक चलता है। यहाँ बड़ी भीड़ में श्रद्धालु आते हैं औंर माता के दर्शन का लाभ उठाते हैं।इस मेले में कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होते हैं। नवरात्रि में गरबा महोत्सव का आयोजन होता है। और माता की पूजा अर्चना की जाती है।

नवचड़ी देवी धाम से थोड़ी ही दूरी पर खण्डवा के चार कुण्डों में से एक प्रसिद्ध रामेश्वर कुण्ड हैं। रामेश्वर कुंड और यहां बने शिव मंदिर रामायण काल के हैं। यहाँ की सीता बावड़ी भी पुरातन की धरोहर है। य

हाँ एक रामबाण कुआँ हैं। माना जाता है कि रामबाण कुआं भी तब का है, जब सीता जी को प्यास लगी थी और राम जी ने बाण से कुएँ का निर्माण किया था। नवचंडी देवी धाम के साथ साथ रामेश्वर कुंड भी पर्यटन स्थल हैं।

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8. किशोर कुमार स्मारक | Kishor Kumar Statue Khandwa

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प्रसिद्ध गायक स्वर्गीय श्री किशोर कुमार जी को कौंन नहीं जानता। लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि वे खण्डवा से थे। जी हाँ किशोर कुमार जी का बचपन खण्डवा में ही बीता था। खण्डवा शहर के बीचों बीच स्थित बाम्बे बाजार में उनका घर भी हैं। बाॅलीवुड के महान गायक किशोर कुमार जी के लिए खण्डवा के लोगो में विशेष प्रेम है।

इतना ही नहीं किशोर कुमार की बचपन की यादें यहां बोलती नजर आती है। उनको खंडवा से इतना लगाव था कि उन्होंने अपनी अंतिम इच्छा में कहा कि उनका अंतिम संस्कार खंडवा में ही किया जाए। इसके अनुसार, खंडवा में ही किशोर कुमार का अंतिम संस्कार किया गया।

यहीं पर उनका स्मारक बना हुआ है। उनके जन्मदिन और पुण्यतिथि जैसे विशेष मौकों पर बड़ी संख्या में प्रशंसक यहां आते हैं। उनके चाहने वाले लोग यहां दूध जलेबी का भोग भी लगाते हैं। दूध जलेबी किशोर कुमार को अत्यंत प्रिय थी। हर खण्डवा वासी किशोर कुमार जी को बड़े ही प्रेम से याद करता हैं और उन पर गर्व भी करता हैं।

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9. रूस्तमपुर मंदिर खंडवा | Rustampur Mandir Khandwa

Top 10 Place to Visit in Khandwa Madhyapradesh | Navchandi Devi Rustampur Mandir Khandwa | रुस्तमपुर मंदिर खंडवा

मध्य प्रदेश में जिला खंडवा के ग्राम बोरगांव बुजुर्ग के पास स्थित रुस्तमपुर गुप्तेश्वर महादेव मंदिर यहाँ का प्राचीन मंदिर है। यहाँ जमीन से लगभग 35 फीट नीचे गुफानुमा मंदिर के गर्भ गृह में गुप्तेश्वर महादेव विराजित है। यह मंदिर वर्षों पुराना है। महाशिवरात्रि पर यहां देशभर से श्रद्धालु गुप्तेश्वर महादेव के दर्शन करने आते हैं।

ग्रामीणों के अनुसार यह शिवलिंग सैकड़ों वर्ष पुराना है और स्वयं ही जमीन के भीतर से अवतरित हुआ है। इसलिए इसे स्वयंभू महादेव के नाम से भी जाना जाता है।

मंदिर के अंदर ही कुएँ की तरह एक प्राचीन बावड़ी है। इसका पानी कभी खत्म नहीं होता है। सावन में बावड़ी से पानी उफान भरता है। और शिवलिंग पूरी तरह जलमग्न हो जाता है। चार माह तक शिवलिंग पूरी तरह जल में रहता है।

महाशिवरात्रि पर यहां विशेष मेले का आयोजन किया जाता है। महाशिवरात्रि पर्व पर सुबह 4:00 बजे से महादेव का विशेष श्रृंगार, महा रुद्राभिषेक को मंगल आरती होती है।

यह प्राचीन मंदिर बहुत ही प्रसिद्ध मंदिर है। श्रद्धालु दूर-दूर से यहां दर्शन के लिए आते हैं। और शांति पाते हैं। पर्यटन के रूप में भी यह स्थान प्रसिद्ध है।

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10. इंदिरा सागर बाँध खण्डवा | Indira Sagar Dam Khandwa

Top 10 Place to Visit in Khandwa Madhyapradesh | Indira Sagar Dam Khandwa | इंदिरा सागर बांध खंडवा
Top 10 Place to Visit in Khandwa Madhyapradesh | Indira Sagar Dam Khandwa | इंदिरा सागर बांध खंडवा

इंदिरा सागर बांध मध्यप्रदेश में नर्मदा नदी पर खंडवा जिले में नर्मदा नगर स्थान पर निर्मित बाँध है। इंदिरा सागर बांध खंडवा से लगभग 63 किलोमीटर दूर है। इस बांध की नींव 23 अक्टूबर 1984 में भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने रखी थी। मुख्य बांध का निर्माण 1992 मै आरंभ हूआ। इस बांध की ऊँचाई 92 मीटर है। इसे 31 मार्च 2005 में खोला गया।

इंदिरा सागर बांध का बैकवाटर एक विशाल झील हैं। जिसमें पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं। इस क्षेत्र में पर्यटन विकास के लिए इस बांध के पानी के दोहन के लिए ही हनुवंतिया टापू का विकास किया गया है। बांध के आसपास का क्षेत्र प्राकृतिक पर्यटन के लिए भी अच्छा है। जिसमें बर्ड वाचिंग, स्तनधारियों को देखना शामिल है।

यह क्षेत्र भी जल और हरियाली से परिपूर्ण है। साथ ही यहाँ के पानी से बिजली उत्पादन भी किया जाता है। इंदिरा सागर बांध से थोड़ी ही दूरी पर संत सिंगाजी पावर प्लांट है जहां पर बिजली का उत्पादन किया जाता है।

इस प्रकार खंडवा जो मध्य प्रदेश का एक जिला है, पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत ही सुंदर और आकर्षक हैं। यहाँ से धार्मिक, पौराणिक और ऐतिहासिक तथ्य जुड़े हुए हैं। यहाँ भक्ति भी हैं और हरियाली भी। मानसिक शान्ति भी हैं औंर आनन्द भी।

Top 10 Place to Visit in Khandwa Madhyapradesh | खण्डवा में घूमने के लिए ‌10 शानदार जगहें

Narrated by – Aayushi Patel
patelayushi344@gmail.com


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