2 Free Small Story in Hindi | एक फकीर

Small Story in Hindi
साथियों नमस्कार, आज की कहानी ” Small Story in Hindi | एक फकीर ” आधारित है कोरोना महामारी के दौर में लोगों में फैले डर के ऊपर| हमें आशा है की आज की यह कहानी आपको ज़रूर पसंद आएगी|

Small Story in Hindi | एक फकीर

दरवाजे पर एक फकीर धीमी आवाज़ में पुकार रहा था, बाई कोई है रोटी दे दो कुछ खाने के लिए ही दे दो।बड़ी देर हो गई लेकिन किसी ने दरवाजा नही खोला। फकीर भी लगातार पुकारता रहा आखिर में घर से एक महिला बाहर निकल कर आई बोली आगे जाओ बाबा अभी घर मे कुछ नही है।
बाबा ने कहा कोई बात नही दुआ ले लो तुम्हारे घर मे वैसे ही लोग बीमार है।महिला को आश्चर्य हुआ उसने पूछा बाबा आपको कैसे पता?फकीर ने कहा ये मत पूछो कैसे पता बस ये पानी ले लो सबको पिला देना सब ठीक हो जाएगा।
दुआ देकर फकीर चला गया।कुछ दिनों बाद उस महिला के घर सब ठीक हो गए। महिला पूरे शहर में फकीर को ढूंढ रही थी जो उसे एक मंदिर के बाहर बैठे मिले।महिला ने कहा बाबा आपके चमत्कार से हम ठीक हो गए।
फकीर मुस्कुरा कर बोला वो पानी सादा था कोई चमत्कार नही था उसमें।महिला ने कहा फिर आपको कैसे पता चला कि घर मे सब बीमार है? फकीर बोला पड़ोस के घर ने मुझे कहा था वहां सब बीमार है मांगने मत जाना तुम भी बीमार हो जाओगे।
फकीर ने कहा बेटा तुम सिर्फ विश्वास के कारण ठीक हुए हो की पानी मे कुछ ईश्वर का चमत्कार था,हम ईश्वर को नही उसके चमत्कार को ढूंढते है।वैसे ही बीमारी का डर तुम्हे और बीमार कर रहा था।
आस पास के लोगो की दूरी तुम्हारे आत्मविश्वास को खत्म कर चुकी थी। मैंने बस उसी को जगाया है। जाओ बेटा बस ईश्वर पर विश्वास रखो लोगो के शरीर से दूरी रखना आत्मा से नही।
Small Story in Hindi | एक फकीर
नटेश्वर कमलेश
चांदामेटा

स्कूल की प्रेम कहानी | Small Love Story in Hindi

दोस्तो आज मैं आपको अपनी प्रेम कहानी बताने जा रहा हूं ये बात उस टाइम की है जब मैं 14 या 15 साल का था मैं अपनी   क्लास की एक लड़की को पसंद करता था और  उसे छुप-छुप कर देखा करता था|

ये बात मेरे दोस्तो को भी पता थी पर उस लडकी  को नहीं फिर एक दिन मैं स्कूल नहीं जा पाया और उस दिन वो भी स्कूल नहीं आई और मेरे दोस्तो ने मुझे याद करते और मेरा मजाक उड़ते हुआ बोला देखो आज लकी नहीं आया और आयुषी भी नहीं आई आज भी वो उसके घर के चक्कर लगा रहा होगा|

ये बात एक लड़की ने सुनली और सभी लड़कियों को बता दिया| फिर क्या, फिर क्या अगले दिन सब लडकियां मुझे देख कर फुस  फुसने लागी और मैं समझ गया की सब को पता चल गया है और मैं अपनी गर्दन निचे कर के चलने लगा| पर उस से एक बात बोहोत अच्छी हुई आयुषी  भी मुझे देखने लगी और मानो मेरे मन मैं एक अलग सी खुशी  होने लगी|

मुझे ये खुशी का एहसास पहली बार हुआ था और मेरी खुशी का ठिकाना नहीं था| अब मैं पूरे दिन सिर्फ उसे ही देखता रहता और वो भी मुझे देखती और मुस्कुराती अब मुजे स्कूल जाना अच्छा लगने लगा|

मैं अब स्कूल ड्रेस पर स्त्री करने लगा जुते पोलिश करने लगा था| अब मुझे रविवार भी अच्छा नहीं लगता था क्यों की मैं स्कूल नहीं जा पाता था| फिर मेरे दोस्त ने मुझे फेसबुक चलाना सिखाया और मैने पहली बार उससे बात की|

मैं सामने उससे बात नहीं कर पाता था| मैं कुछ बोल ही नहीं पता था उसके सामने| धीरे-धीरे हमने बात शुरू की और मैंने उसे अपनी दिल की बात बताई| उसने भी मुझे बताया की वो भी मुझे पसंद करती  है!

ये मेरा पहला प्यार था जो मेरे दोस्तो की वजह से  मिला था मैं तो कभी शायद बात ही नहीं कर पाता| धन्यवाद दोस्तो !


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