Top 10 Places to Visit in Pachmarhi | पचमढ़ी में घूमने के लिए 10 शानदार जगहें

Places to Visit in Pachmarhi
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साथियों नमस्कार, आज के अंक में हम “यात्रा वृतांत | Travel Stories” में आपके लिए मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से मात्र 200 किलोमीटर दूर स्थित पर्वतीय पर्यटन स्थल या हूँ कहें की हिल स्टेशन की कुछ खास जगहों को हमारे खास संकलन “Places to Visit in Pachmarhi | पचमढ़ी में घूमने के लिए 10 शानदार जगहें ” में आपके लिए लेकर आएं हैं|

आशा है आपको हमारा यह संकलन ज़रूर पसंद आएगा|


Places to Visit in Pachmarhi | पचमढ़ी में घूमने के लिए 10 शानदार जगहें

पचमढ़ी भारत के मध्य प्रदेश राज्य के होशंगाबाद जिले में स्थित एक पर्यटन स्थल हैं। यह एक का पर्वतीय पर्यटन स्थल अर्थात हिल स्टेशन हैं। प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण यह हिल स्टेशन 1067 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इस शहर का उपनाम “सतपुड़ा की रानी” है। मध्य प्रदेश की सबसे ऊंची चोटी धूपगढ़ (1352 मीटर ऊंची) यही स्थित है।

पचमढ़ी मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से 190 किलोमीटर दूर स्थित है। राज्य के विभिन्न शहरों से यहां के लिए नियमित बसें चलती है। पचमढ़ी एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल होने के कारण सड़क, रेल और हवाई मार्ग से अच्छे से जुड़ा हुआ है।

पचमढ़ी का निकटतम हवाई अड्डा भोपाल हवाई अड्डा है। जहां से बस व टैक्सी के माध्यम से पचमढ़ी पहुंचा जा सकता है। पचमढ़ी शहर पिपरिया तहसील के अंतर्गत आता है। मुंबई-हावड़ा रेल मार्ग पर इटारसी व जबलपुर के बीच पिपरिया स्टेशन सबसे पास है, जहां से पचमढ़ी पहुंचा जा सकता है।

पचमढ़ी सतपुड़ा श्रेणियों के बीच स्थित है। इसलिए इसे “सतपुड़ा की रानी” कहा जाता है। प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण घने जंगलों से घिरा पचमढ़ी शहर मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां कई जलप्रपात व तालाब हैं, जो पचमढ़ी की सुंदरता में चार चांद लगा देते हैं। पचमढ़ी सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान का भाग है। इसलिए यहां कई प्रकार के जंगली जानवर भी देखने को मिलते हैं।

यहां कई प्रकार की गुफाएं हैं जो पुरातात्विक है। जिनमें कई प्रकार के शैल चित्र मिले हैं। पचमढ़ी का ठंडा मौसम गर्मी में पर्यटकों को अधिक आकर्षित करता है।
आईये पचमढ़ी पर्यटन स्थल के मुख्य स्थानों के बारे में विस्तार से जानते हैं।


Top 10 Places to Visit in Pachmarhi | पचमढ़ी में घूमने के लिए 10 शानदार जगहें

1. मधुमक्खी जलप्रपात | Bee Falls

मधुमक्खी जलप्रपात | Bee Falls Places to Visit in Pachmarhi

मधुमक्खी जलप्रपात पचमढ़ी स्थित जलप्रपातों में सबसे प्रमुख जलप्रपात है। क्योंकि इस जलप्रपात द्वारा पचमढ़ी में पीने के पानी की पूर्ति होती है। मधुमक्खी जलप्रपात शहर के बीच से लगभग 3 किलोमीटर दूर स्थित है।

इस जलप्रपात का नाम मधुमक्खी जलप्रपात इसलिए हैं, क्योंकि पहाड़ से गिरते वक्त इसकी आकृति मधुमक्खी के समान दिखाई देती है। बी फॉल घूमने के लिए पहले आपको वन विभाग से परमिशन लेना होता है।

पचमढ़ी में अधिकतर जगहें फॉरेस्ट में है। जिन्हें घूमने के लिए वन विभाग से परमिशन लेनी पड़ती है। और उसके लिए चार्ज भी देना पड़ता है। बायसन लॉज संग्रहालय में चार्ज देकर टिकट ले सकते हैं, और यहां से गाइड भी कर सकते हैं। यहाँ का सुन्दर वातावरण, कलकल करते झरने की आवाज, औंर तालाब के पानी में मछलियों का सुन्दर दृश्य अत्यंत मनमोहक लगता हैं।


2. जटाशंकर की गुफा | Jatashankar

जटाशंकर की गुफा | Jatashankar Places to Visit in Pachmarhi

पचमढ़ी के पास स्थित जटाशंकर मंदिर प्राकृतिक व गुफा हिंदुओं का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। इस गुफा में भगवान शंकर का मंदिर है। जहां पर्यटन भोलेनाथ के दर्शन के लिए आते है। पचमढ़ी स्थित जटाशंकर गुफा को भगवान शिव का दूसरा घर कहा जाता है|

पौराणिक कथा के अनुसार माना जाता है कि भगवान शिव ने अपनी विशाल का जटा यहां फैला रखी हो, जिससे गुफा के अंदर जटाओं जैसी आकृति बन गई है। जिसके कारण इस जगह का नाम जटाशंकर पड़ा। यहां गुफा में एक विशाल शिवलिंग भी है। जहां शिवरात्रि के अवसर पर भक्त पूजा करने आते हैं।

यहां तीन छोटे-छोटे कुंडली भी स्थित है। जिनमें पर्यटन स्नान भी करते हैं। माना जाता है, कि यहां के पानी में स्नान करने से सभी बीमारियां खत्म हो जाती है। इसलिए जो भी यहाँ आता है, कुंड में स्नान जरूर करता है।

यहां के कुण्डों के पानी की एक विशेषता यह भी है कि पानी का तापमान मौसम के विपरीत होता है। अर्थात ठंड में इन कुण्डों का पानी गर्म व गर्मी में कुण्डों का पानी शीतल होता है। इस प्रकार पचमढ़ी स्थित यह प्रसिद्ध तीर्थ स्थल जो कि जटाशंकर मंदिर या जटाशंकर गुफा के नाम से जाना जाता है। पर्यटन के लिए एक उचित स्थान है।

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3. पांडव गुफाएं | Pandav Caves

पांडव गुफाएं | Pandav Caves Places to Visit in Pachmarhi

पांडव गुफा पचमढ़ी का एक खूबसूरत धार्मिक स्थल है। पचमढ़ी शहर का नाम पांडव गुफा के नाम पर ही रखा गया है। पचमढ़ी स्थित पांडव गुफाएं पाँच छोटी पहाड़ियों का समूह हैं। ऐसा माना जाता है, कि अपने निष्कासन के दौरान पांडवों ने यहां शरण ली थी।

युधिष्ठिर, अर्जुन, नकुल, सहदेव व भीम पांच पांडव और उनकी पत्नी द्रोपदी यहां आकर रहने लगे। इसलिए इन गुफाओं को पांडव गुफाएं कहते हैं। माना जाता है कि इन गुफाओं का निर्माण बौद्ध भिक्षुओं ने छठवीं से दसवीं शताब्दी के मध्य किया था। पांडव गुफा के सामने एक उद्यान भी स्थित है। इस उद्यान में तरह-तरह के फूल है।

यह उद्यान अत्यंत खूबसूरत है। इस उद्यान से होते हुए ही पांडव गुफा तक जाने का रास्ता है। पचमढ़ी स्थित यह पौराणिक गुफाएं पर्यटन के लिए बेहद खूबसूरत जगह हैं। पर्यटक यहां आकर घूमने का आनंद लेते हैं। व यहां के इतिहास के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं।

गर्मी के मौसम में भी पचमढ़ी का तापमान सामान्य रहता है। इसलिए पर्यटक यहां गर्मी के मौसम में भी आते हैं। वैसे यहां आने का उचित समय मार्च के पहले होता है। उन दिनों यहां का वातावरण अत्यंत मनमोहक होता है।


4. धूपगढ़ | Dhupgarh

धूपगढ़ | Dhupgarh Places to Visit in Pachmarhi

धूपगढ़ सतपुड़ा श्रृंखला में स्थित महादेव पहाड़ियों की सबसे ऊंची चोटी है। साथ ही यह मध्यप्रदेश की भी सबसे ऊंची चोटी है। यह पचमढ़ी हिल स्टेशन के निकट स्थित है। यह पहाड़ी सूर्यास्त देखने के लिए सबसे उचित स्थान है। इस स्थान से वेत्रवती या बेतवा नदी का उद्गम होता है।

धूपगढ़ श्रेणी में स्लेट, शिस्ट तथा ग्रेनाइट भी पाया जाता है। धूपगढ़ 1350 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। धूपगढ़ घूमने के लिए मानसून का मौसम उचित होता है।
धूपगढ़ पर्यटन स्थल पचमढ़ी के पर्यटन को अधिक रोचक बनाता है। साथ ही यह पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र भी है। यहां से ऊँचे-ऊँचे पहाड़ व वादियां देखने का आनंद लिया जा सकता है।

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5. हांडी खोह | Handi Khoh

हांडी खोह | Handi Khoh

हांडी खोह पचमढ़ी वन क्षेत्र के अंदर आता है। यह एक घाटी या दर्रा है। इसकी गहराई 300 मीटर है। और उसके चारों ओर चट्टानें है। यह एक एकांत स्थान है। जहां केवल मधुमक्खियों व पानी के प्रभाव की आवाज होती है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार हांडी खोह के स्थान पर पहले एक झील थी, जिसकी रखवाली एक भयानक सांप करता था। एक बार भगवान शिव और उस भयानक सांप के मध्य युद्ध हुआ। और युद्ध के प्रकोप के कारण झील सूख गई और घाटी बनी। इस घाटी का आकार बर्तन के समान दिखाई देता है। इसलिए इसका नाम हांडी खोह पड़ा।

पचमढ़ी के लोग पहले इसे अंधी खोह कहते थे। हांडी खोह पर्यटन के लिए बहुत अच्छी जगह है। यहां का सौंदर्य देखने लायक है। जंगल से घिरा क्षेत्र, पक्षियों की आवाज, कल कल करते पानी की आवाज यह सब यहां के सौंदर्य को बढ़ाते हैं।


6. डचेस फॉल्स | Duchess Fall Pachmarhi

डचेस फॉल्स | Duchess Fall PachmarhiPlaces to Visit in Pachmarhi

डचेस फॉल्स पचमढ़ी के खूबसूरत झरनों में से एक है। किंतु यहां ज्यादा पर्यटक नहीं आते। क्योंकि यहाँ आने का रास्ता थोड़ा कठिन है। आपको यहाँ चढ़ाई वाला रास्ता भी मिलेगा और कहीं कहीं ढलान भी मिलेगी।

बारिश के मौसम में यहां आना थोड़ा खतरनाक होता है। क्योंकि यहां जाने वाला रास्ता थोड़ी दूर तक ही पक्का बना हुआ है फिर कच्चा रास्ता है जिस पर काफी फिसलन हो जाती है। और खतरा बढ़ जाता है तो बेहतर होगा कि आप यहां बारिश के मौसम में ना जाए।

यहां की यात्रा के लिए आपको शुल्क भी देना पड़ता है। पचमढ़ी से डचेज फॉल्स की दूरी लगभग 6 किलोमीटर है। और फिर आपको 3-4 किलोमीटर पैदल यात्रा करनी पड़ेगी। यह झरना लगभग 100 मीटर की ऊंचाई से गिरता है। यह झरना कई छोटे-छोटे कुण्ड बनाता है।

पर्यटक इन छोटे कुंडों में आराम से तैर सकते हैं व नहा सकते हैं। यहां का वातावरण अपने-अपने बेहद सुंदर है। पर्यटक यहां आकर अपनी छुट्टियों का मजा लेते हैं। हरियाली से घिरा यह झरना अद्भुत है। ऊँचाई से गिरते हुए पानी की आवाज कानों को अतिप्रिय लगती है।

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7. रजत प्रपात | Silver Fall Pachmarhi

रजत प्रपात | Silver Fall Pachmarhi

रजत प्रपात पचमढ़ी का सबसे ऊंचा जलप्रपात है। जो कि 107 मीटर की ऊंचाई से नीचे गिरता है। इस प्रपात का नाम रजत प्रपात इसलिए रखा गया क्योंकि जब सूर्य की किरणें ऊंचाई से गिरते हुए पानी पर पड़ती हैं तो वह रजत अर्थात् चांदी की तरह चमकता हुआ दिखाई देता है।

इसलिए इस झरने को रजत प्रपात कहते हैं। यह पचमढ़ी का बहुत सुंदर व आकर्षक झरना है। जो कि अप्सरा विहार से मात्र 10 मिनट की पैदल दूरी पर स्थित है। इस ऊंचाई से गिरते हुए झरने का आकार घोड़े की पूंछ की तरह दिखाई देता है।

रजत प्रपात पचमढ़ी से 2 या 3 किलोमीटर की दूरी पर है। इस जलप्रपात तक पहुंचने के लिए घने जंगलों से गुजरना पड़ता है। यह झरना चारों ओर से हरियाली से घिरा हुआ है। और यहां आपको वादियां भी देखने को मिलती हैं।


8. अप्सरा विहार | Apsara Vihar Pachmarhi

अप्सरा विहार | Apsara Vihar Pachmarhi Places to Visit in Pachmarhi

अप्सरा विहार पचमढ़ी हिल स्टेशन का एक आकर्षित झरना है। जो कि लगभग 30 फीट ऊंचा है। यह छोटे झरने वाला पुल है। इस झरने को “फेयरी पुल” के नाम से भी जाना जाता है। यह विहार पांडव गुफाओं के पास ही स्थित है। अप्सरा विहार स्थानीय लोगों का पिकनिक स्थल भी है। और दूर-दूर से आने वाले पर्यटकों के लिए भी यह घूमने के लिए उत्तम स्थान है।

अप्सरा विहार के पानी तैराकी व डाइविंग भी की जा सकती है। अप्सरा विहार के पास ही पचमढ़ी का प्रसिद्ध जलप्रपात रजत प्रपात स्थित है। वैसे तो पचमढ़ी का हर स्थान बेहद खूबसूरत व प्राकृतिक सौंदर्य से पूर्ण हैं। जिनमें से एक अप्सरा विहार भी है। जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

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9. चौरागढ़ मंदिर | Pachmarhi Mahadev Mandir | Chauragarh

चौरागढ़ मंदिर | Pachmarhi Mahadev Mandir | Chauragarh Places to Visit in Pachmarhi

पचमढ़ी अपनी खूबसूरत वादियों के साथ-साथ धार्मिक मंदिरों के लिए भी प्रसिद्ध है। जिनमें से एक हैं, आदियोगी भगवान शिव का पौराणिक चौरागढ़ मंदिर। कहा जाता है कि भस्मासुर नामक राक्षस ने भगवान शिव की घोर तपस्या कर उन्हें प्रसन्न किया और उनसे वरदान पाया कि वह जिसके भी सर पर हाथ रखे वह भस्म हो जाए|

तब इस वरदान की आजमाइश के लिए उन्होंने भगवान शिव के सिर पर हाथ रख उन्हें ही भस्म करना चाहा तब भगवान शिव ने भस्मासुर राक्षस से बचने के लिए यहां शरण ली थी। तब से यह मंदिर अत्यंत प्रसिद्ध और लोकप्रिय है जहां श्रद्धालु दूर-दूर से दर्शन के लिए आते हैं और मन्नत मांग कर त्रिशूल जलाते हैं।

यह प्रसिद्ध मंदिर पचमढ़ी से लगभग 14 किलोमीटर दूर स्थित है। यहां तक पहुंचने के लिए वाहनों की सुविधा उपलब्ध है। मंदिर लगभग 4200 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। भक्तगण 325 सीढ़ियां चढ़कर मंदिर तक पहुंचते हैं। एक पौराणिक मान्यता यह भी है, कि वर्षों तक चौरा बाबा ने इस पहाड़ी पर तपस्या की थी। जिसके बाद भगवान शिव ने उन्हें दर्शन दिए।

तब से यह पहाड़ी चौरागढ़ के नाम से जानी जाती है। उस दौरान भगवान शिव अपना त्रिशूल यहाँ छोड़ गए थे। तब से यहां त्रिशूल चढ़ाने की परंपरा शुरू हुई।
यह धार्मिक मंदिर लाखों भक्तों की श्रद्धा का प्रतीक है। महाशिवरात्रि के अवसर पर भक्त भारी त्रिशूल कांधे पर रखकर यहां दर्शन के लिए आते हैं।


10. राजेंद्रगिरी सनसेट पॉइंट | Highest Peak of Satpura Range

राजेंद्रगिरी सनसेट पॉइंट | Highest Peak of Satpura Range Places to Visit in Pachmarhi

राजेंद्र गिरी सनसेट पॉइंट पचमढ़ी के पर्यटन स्थलों में से एक है। इस जगह का नाम देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद के नाम पर रखा गया है। राजेंद्र गिरी में एक पार्क भी है। जो कि आकार में छोटा है किंतु बहुत खूबसूरत है। और घूमने के लिए अच्छी जगह हैं। जहां से सूर्यास्त देखने के लिए आए दिन स्थानीय पर्यटक यहाँ आते रहते हैं, और पार्क में समय व्यतीत करते हैं।

पार्क में डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद की एक मूर्ति भी बनी हुई है। साथ ही उनके द्वारा लगाया गया एक वट वृक्ष भी है। जिसे आज तक संरक्षित किया गया है। यहां पहुंचने के लिए आपको जिप्सी बुक करनी होगी। जिप्सी वाला आपको रास्ते में पड़ने वाले पर्यटन स्थल जैसे पांडव गुफा, हांडी खोह, प्रियदर्शनी, बड़ा महादेव मंदिर, गुप्त महादेव मंदिर घुमाते हुए फिर आपको राजेंद्र गिरी लेकर जाता है।

यहां सूर्यास्त का नजारा देखने के लिए टेलिस्कोप की सुविधा भी उपलब्ध है। जिसके लिए ₹10 चार्ज लगता है। टेलीस्कोप की मदद से आप चौरागढ़ की पहाड़ियां व मंदिर भी देख सकते हैं। राजेंद्र गिरी एक अत्यंत सुंदर स्थान है। जहां आकर आपको पचमढ़ी का सबसे सुंदर नजारा देखने को मिलता है।

पचमढ़ी जो कि मध्य प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन है। अपनी वादियों में प्रकृति की अपार सुंदरता को समेटे हुए हैं। साथ ही यहां के पौराणिक मंदिर व ऐतिहासिक गुफाएं पर्यटन के लिए उत्तम स्थान है।

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