5 Best Places to Visit in Madhya Pradesh | मध्यप्रदेश के 5 प्रमुख पर्यटन स्थल

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आदरणीय पाठक, आज का हमारा संकलन “Places to Visit in Madhya Pradesh | मध्यप्रदेश में प्रमुख पर्यटन स्थल” खास तौर पर मध्यप्रदेश पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शामिल किया गया है।

आज के हमारे इस संकलन में आप मध्यप्रदेश में घूमने की 10 ऐसी खास जगहों के बारे में पढ़ेंगे जिनके बारे में जानने के बाद आप यही कहेंगे की वाकई में मध्यप्रदेश भारत का हृदय है।


Places to Visit in Madhya Pradesh | मध्यप्रदेश में प्रमुख पर्यटन स्थल

1. ओरछा | Orchha

ओरछा Orchha Places to Visit in Madhya Pradesh
ओरछा Orchha Places to Visit in Madhya Pradesh

ओरछा मध्य प्रदेश राज्य के निवाड़ी जिले में स्थित एक ऐतिहासिक नगर है। ओरछा ऐतिहासिक नगर होने के साथ-साथ एक धार्मिक स्थल और पर्यटन स्थल भी है यहां कई टूरिस्ट और श्रद्धालु आते रहते हैं। बेतवा नदी के किनारे बसा ओरछा नगर राजा राम की नगरी के नाम से प्रसिद्ध है।

ओरछा नगर बुंदेलों के द्वारा 16वीं शताब्दी में बसाया गया एक छोटा सा शहर है। जोगी राजा राम का मंदिर छत्रभुज टेंपल और ऐतिहासिक इमारतों के लिए प्रसिद्ध है। ओरछा शहर पूरा घूमने के लिए कम से कम 2 दिन का समय लगता है।

चूँकि ओरछा मध्य भारत में एक शहर है, इसलिए यहां गर्मी के मौसम में तापमान अधिक होता है। यहां घूमने का सबसे अच्छा समय सितंबर से फरवरी के मध्य होता है। ओरछा का नजदीकी रेलवे स्टेशन झांसी रेलवे स्टेशन है, जहां से टैक्सी या बस द्वारा ओरछा पहुंचा जा सकता है।

ओरछा का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल यहां का भव्य राजाराम का मंदिर है जहां पर सुबह व शाम की आरती बहुत ही दिव्य तरीके से होती है। मंदिर के भीतर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर प्रतिबंध है। मंदिर के बाहर आप फोटोग्राफी कर सकते हैं। पास ही में छत्रभुज मंदिर है, जो भगवान राम की स्थापना के लिए ही बनाया गया था। किंतु किसी कारणवश स्थापना नहीं हो पाई।

छत्रभुज मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। ओरछा में घूमने के लिए ओरछा फोर्ट भी है, जो कि बुंदेलों का किला है। इस किले का निर्माण बुंदेलों के प्रथम राजा, राजा रूद्रप्रताप सिंह ने करवाया था। किले में घूमने के लिए टिकट की आवश्यकता होती है, इस एक टिकट से आप छत्रभुज टेंपल और ओरछा की दूसरे स्थान भी घूम सकते हैं। इसलिए इस टिकट को संभाल कर रखना जरूरी है।

किले के अंदर कैमरा चार्ज और वीडियोग्राफी के लिए अलग चार्ज लगते हैं। किले के अंदर राजा महल, जहांगीर महल और अन्य महल देखने को मिलते हैं। जो ओरछा की ऐतिहासिक धरोहर है। किले में घूमने के लिए अब गाइड भी कर सकते हैं, ताकि वहां के इतिहास को विस्तार पूर्वक जाना जा सके।

इसके अतिरिक्त ओरछा में पर्यटन स्थल के रूप में सेनोटॉपस हैं, जिन्हें छतरी के नाम से जाना जाता है, जो ओरछा के राजा महाराजाओं की याद में बनाई गई है। यहां करीब 15 छतरियाँ है। और यहां का वातावरण हरियाली से परिपूर्ण है, जो पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहता है। और फोटोग्राफी के लिए भी उत्तम जगह है। ओरछा में बेतवा नदी के तट पर पर्यटक स्नान करते हैं और वहां के सुंदर वातावरण का लाभ उठाते हैं।

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2. मांडू या मांडवगढ़ | Mandav

मांडू मांडवगढ़ Mandav Places to Visit in Madhya Pradesh
मांडू मांडवगढ़ Mandav Places to Visit in Madhya Pradesh

मांडू या मांडवगढ़ मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित एक प्राचीन शहर हैं। मांडू शहर रानी रूपमती और बादशाह बाजबहादुर की प्रेम कहानी का प्रतीक है। मांडू के प्रमुख पर्यटन स्थलों में सर्वप्रथम आता है, रानी रूपमती का महल जो कि 365 मीटर ऊंची खड़ी चट्टान वाली पहाड़ी पर स्थित है।

माना जाता है कि रानी रूपमती सुबह उठने के पश्चात सर्वप्रथम मां नर्मदा के दर्शन करती थी, तत्पश्चात ही अन्न, जल ग्रहण करती थी। इसलिए राजा बाजबहादुर ने इस महल का निर्माण उँचाई पर करवाया, ताकि रानी रूपमती को नर्मदा नदी के दर्शन हो सके। मांडू के अन्य पर्यटन स्थलों में मांडू के दरवाजे प्रसिद्ध है।

मांडू में लगभग 12 प्रवेश द्वार है। इन दरवाजों में दिल्ली दरवाजा प्रमुख हैं, जो मांडू का प्रवेश द्वार है। इसका निर्माण सन 1405 से 1407 के मध्य हुआ था। इस दरवाजे में प्रवेश के साथ मांडू दर्शन आरंभ हो जाते हैं। यहां के अन्य दरवाजों में आलमगीर दरवाजा, रामपुर दरवाजा, जहाँगीर दरवाजा, तारापुर दरवाजा आदि प्रमुख दरवाजे हैं।

मांडू में रूपायन संग्रहालय है, जो कि 10 एकड़ भूमि में फैला है। रूपायन संग्रहालय की प्रदर्शनी में विज्ञान, शिल्प, कला इतिहास को दर्शाया गया हैं। मांडू शहर के मध्य में दाई का महल स्थित है। जो शाही परिवार की सेवा करने वाली दाइयों को समर्पित है। इसके अतिरिक्त छप्पन महल संग्रहालय, बाघ गुफाएं, जामा मस्जिद, अशरफी महल, जहाज महल यहां के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थल हैं।

छप्पन महल संग्रहालय जो पुरानी वस्तुओं के संग्रह के लिए बनाया गया है। जहाज महल जो कि दो तालाबों के बीच बनाया गया है। बाघ गुफाएं जो 9 गुफाओं का समूह है। जिन्हें चट्टानों को काटकर बनाया गया है। होशंगशाह का मकबरा, हिंडोला महल, बाजबहादुर का महल, रेवाकुंड, श्री मांडवगढ़ तीर्थ मांडू में पर्यटन के और अन्य स्थल है। मांडू में नीलकंठ मंदिर भी है, जो मांडवगढ़ किले में स्थित है।

मांडवगढ़ मध्य प्रदेश का ऐसा शहर है जहाँ कई ऐतिहासिक महल है। रानी रूपमती और बादशाह बाजबहादुर की प्रेम कहानी का प्रतीक मांडू शहर अपने आप में इतिहास को समाहित किए हुए हैं। यहां पर्यटन के लिए बहुत सारे महल, संग्रहालय, गुफाएं, दरवाजे आदि है जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।

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3. महेश्वर | Maheshwar

महेश्वर Maheshwar Places to Visit in Madhya Pradesh
महेश्वर Maheshwar Places to Visit in Madhya Pradesh

नर्मदा नदी के किनारे बसा महेश्वर शहर मध्य प्रदेश राज्य के खरगोन जिले में स्थित है। महेश्वर ऐतिहासिक किलो व महेश्वरी साड़ियों के लिए प्रसिद्ध है। यहां की साड़ियां विश्व भर में प्रसिद्ध है। इसके अतिरिक्त महेश्वर को पवित्र नगरी का दर्जा भी प्राप्त है‌।

महेश्वर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अहिल्या किला है। यह ऐतिहासिक किला नर्मदा नदी के किनारे बना हुआ है। मजबूत दीवारों से बना यह किला अहिल्याबाई के शासन काल से आज तक खड़ा है। किले के भीतर अहिल्या वाड़ा, उनका निजी निवास, कार्यालय और मंदिर भी है।

मंदिरों पर विशेष प्रकार की नक्काशी की गई है। महेश्वर के प्रमुख घाटो मे अहिल्या घाट है, जिसकी सीढ़ियां अहिल्याबाई होलकर के राजसी किले तक पहुंचती है। महेश्वर में पर्यटन स्थल के रूप में सहस्त्रधारा है। जो एक छोटी जगह है, जहां नर्मदा नदी कई धाराओं में विभाजित होती है और चट्टानों में बलपूर्वक बहती है। जहां तक पहुंचने के लिए नाव से जाना पड़ता है।

इसके अतिरिक्त अहिलेश्वर मंदिर है, जो कि राजमाता देवी अहिल्याबाई होलकर को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए बनाया गया था। यह मंदिर अहिल्या किले के अंदर ही स्थित है। महेश्वर के अन्य पर्यटन स्थलों में बाणेश्वर महादेव मंदिर, जामगेट, कालेश्वर महादेव मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर, श्री राजराजेश्वर मंदिर, राजवाड़ा, श्री दत्ता मंदिर आदि भी दार्शनिक स्थल हैं।

होलकर राजवंश की रानी अहिल्याबाई की नगरी महेश्वर एक ऐतिहासिक नगर है। महेश्वर का सबसे प्रमुख रेलवे स्टेशन इंदौरी जहां से महेश्वर 94 किलोमीटर दूर है, और नजदीकी हवाई अड्डा भी इंदौर का देवी अहिल्याबाई होलकर हवाई अड्डा हैं।

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4. खजुराहो | Khajuraho Temple

खजुराहो Khajuraho Temple Places to Visit in Madhya Pradesh
खजुराहो Khajuraho Temple Places to Visit in Madhya Pradesh

खजुराहो जो भी हिंदू और जैन धर्म के स्मारकों का समूह है। मध्य प्रदेश राज्य के छतरपुर जिले में स्थित है। जहां के स्मारक यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं। मंदिरों का शहर खजुराहो पूरे विश्व में मुड़े हुए पत्थरों से निर्मित मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है।

खजुराहो के प्रमुख पर्यटन स्थलों में कंदरिया महादेव मंदिर खजुराहो का सबसे अधिक प्रसिद्ध मंदिर है। जहां पर 800 से भी अधिक मूर्तियां है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। इस मंदिर में संगमरमर से बना हुआ शिवलिंग है, जो 646 मूर्तियों से घिरा हुआ है।

कंदरिया महादेव मंदिर खजुराहो की शान है, जिसका निर्माण चंदेल राजवंश के शासकों ने करवाया था। खजुराहो का दूसरा प्रसिद्ध मंदिर लक्ष्मण मंदिर है। जो कि पश्चिम खजुराहो में स्थित है। यह मंदिर भी अत्यंत लोकप्रिय है। मंदिर का नाम उस समय के शासक के नाम पर रखा गया था। इस मंदिर के प्रवेश द्वार पर ब्रह्मा, विष्णु, महेश की त्रिमूर्ति है।

जो अत्यंत सुंदर प्रतीत होती है। खजुराहो का तीसरा मंदिर मटनगेश्वर मंदिर है, जो खजुराहो के प्राचीन मंदिरों में से एक है। जो भगवान शिव को समर्पित है। इस मंदिर में बड़ा और अद्भुत शिवलिंग है। यह मंदिर शिव भक्तों के बीच अत्यंत लोकप्रिय है। खजुराहो का चौथा प्रसिद्ध मंदिर पार्श्वनाथ मंदिर है। जो कि मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध जैन मंदिरों में से एक है। यह जैन भगवान आदिनाथ को समर्पित है।

यह मंदिर अत्यंत सुंदर है, और यहां की वास्तुकला जैन धर्म की जानकारी देती है। यह मंदिर विश्व धरोहर स्थल की सूची में भी शामिल है। खजुराहो का पांचवा पर्यटन स्थल पन्ना नेशनल पार्क है। जो बेहद हरियाली से परिपूर्ण है। और जंगली जानवर प्रेमियों के लिए उत्तम स्थान है। इस पार्क में एक नदी भी है, जो यहां के वातावरण को सुंदर और आकर्षक बनाती है।

खजुराहो का छठवां पर्यटन स्थल जवारी मंदिर है। जो खजुराहो के आकर्षक पर्यटक स्थलों में से एक है। यह मंदिर अपनी कठिन बनावट के लिए जाना जाता है। अर्थात मंदिर की बनावट अत्यंत दुर्लभ तरीके से की गई है। यह भी एक हिंदू मंदिर है, जो भगवान विष्णु को समर्पित है। खजुराहो का सातवा पर्यटन स्थल रनेस फॉल्स है।

यह पर्यटन के लिए अत्यंत सुंदर स्थान है। और मानसून के समय में यहां का वातावरण मनमोहक होता है। इस जगह की सुंदरता केवल यह झरना ही नहीं जबकि यहां की सुंदर चट्टानें भी हैं, जो पर्यटकों को भाँति है। खजुराहो का अगला पर्यटन स्थल तुलादेव मंदिर है। यह खजुराहो में स्थित एक हिंदू मंदिर है। मंदिर शिव जी को समर्पित है और यहां भगवान शिव और पार्वती जी की एक अद्भुत मूर्ति है।

इन सुंदर मंदिरों के अतिरिक्त खजुराहो के बाहरी इलाके में बेनीसागर डेम स्थित है। जो कि खुदारी नदी पर बनाया गया है। पानी से भरा और यहां का हरा भरा वातावरण देखने योग्य हैं। मध्य प्रदेश का प्राचीन शहर खजुराहो मंदिरों का शहर है। यहां के मंदिर ऐतिहासिक और पौराणिक मंदिर है। जिनकी बनावट अत्यंत भव्य और दिव्य है। यह एक अत्यंत खूबसूरत पर्यटन स्थल है।

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5. अमरकंटक | Amarkantak

अमरकंटक Amarkantak Places to Visit in Madhya Pradesh
अमरकंटक Amarkantak Places to Visit in Madhya Pradesh

अमरकंटक भारत के मध्य प्रदेश राज्य के अनूपपुर जिले में स्थित एक नगर है। जो कि भारत के प्रमुख पवित्र स्थलों में से एक है। विंध्य और सतपुड़ा पर्वतों के बीच स्थित अमरकंटक 1065 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, और तीर्थ व पर्यटन स्थल के रूप में प्रसिद्ध है। अमरकंटक के प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में सर्वप्रथम मां नर्मदा का मंदिर आता है।

अमरकंटक का सबसे ज्यादा आकर्षक स्थल मां नर्मदा जी का मुख्य मंदिर है। जहां से मां नर्मदा का उद्गम हुआ है। मंदिर परिसर में लगभग 26 से भी अधिक मंदिर है। इन मंदिरों के मध्य में एक विशाल कुंड है, इसी कुंड से मां नर्मदा जी का उद्गम हुआ है। यह कुंड पवित्र नर्मदा कुंड के नाम से जाना जाता है। यहां के सभी मंदिरों में सबसे प्रसिद्ध मां नर्मदा जी का मुख्य मंदिर एवं भगवान शंकर का जटाशंकर मंदिर है।

मां नर्मदा मंदिर में प्रतिदिन शाम को मां नर्मदा जी की भव्य आरती होती है। जो कि यहां आए भक्तों और पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती है। मां नर्मदा अपने उद्गम स्थल से आगे चलकर कपिलधारा व दुग्ध धारा जलप्रपात बनाती है। जो अमरकंटक में सबसे प्रमुख जलप्रपात है, जहां पर्यटक आते रहते हैं।

नर्मदा मंदिर के पास ही श्री यंत्र मंदिर है। श्री महामेरु यंत्र मंदिर एक निर्माणाधीन मंदिर है। जिसकी बनावट चौसठ योगिनी मंदिर की तरह है। मंदिर के गर्भ ग्रह में मां त्रिपुरा विराजमान है। अमरकंटक का तीसरा पर्यटन स्थल सोनमुड़ा है, जो कि अमरकंटक का प्रसिद्ध स्थल है। जहां एक व्यू पाइंट भी बनाया गया है। जिसे सनराइज पाइंट के नाम से भी जाना जाता है।

सोनमुड़ा सनराइज प्वाइंट से अमरकंटक के जंगलों को देखने का लुफ्त उठाया जा सकता है। यहां का नजारा काफी अच्छा होता है, इसलिए भी यह पर्यटकों को आकर्षित करता है। इस स्थान से कई धार्मिक व पौराणिक कथाएं भी जुड़ी हुई है। अमरकंटक का चौथा पर्यटक स्थल माई की बगिया है।

इस स्थान का नाम माई की बगिया इसलिए रखा गया, क्योंकि माना जाता है कि मां नर्मदा अपने बाल्यकाल में इस स्थान से फूल और फल चुना करती थी।  इस स्थान पर मां नर्मदा के बाल्यकाल की मूर्ति भी स्थापित की गई है। इस स्थान पर मां नर्मदा के अतिरिक्त भगवान शंकर व अन्य देवताओं की मूर्तियां भी स्थापित है।

अमरकंटक का पांचवा पर्यटन स्थल है, ज्वालेश्वर मंदिर। श्री जलेश्वर महादेव मंदिर अमरकंटक से 8 किलोमीटर दूर शहडोल रोड पर स्थित है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है।  पुराणों के अनुसार भगवान शिव देवी पार्वती के साथ यहाँ निवास करते थे। और उन्होंने अपने हाथों से यहां शिवलिंग स्थापित किया था।

मंदिर के पास ही एक सनसेट पॉइंट है। जहां का नजारा बेहद खूबसूरत है। अमरकंटक का छठवां पर्यटन स्थल है अमरेश्वर धाम। जो कि ज्वालेश्वर धाम से 500 मीटर की दूरी पर स्थित है। यह एक निर्माणाधीन मंदिर हैं।

इस मंदिर में सभी 12 ज्योतिर्लिंग स्थापित है। अर्थात् पूरे 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन एक साथ कर सकते हैं। यहां एक विशाल का शिवलिंग स्थापित है, जो मुख्य आकर्षण का केंद्र है। अमरकंटक का सातवां पर्यटन स्थल दिगंबर जैन मुनि जी का मंदिर है।

नर्मदा उद्गम स्थल से महज 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित दिगंबर जैन मुनि जी का मंदिर है। जो कि ऊंचे टीले पर स्थित हैं। यह मंदिर दिल्ली स्थित भव्य अक्षरधाम मंदिर की तरह दिखाई पड़ता है। इस मंदिर में भगवान ऋषभदेव की अष्टधातु से निर्मित मूर्ति स्थापित है।

इन सभी पर्यटन स्थलों के अतिरिक्त अमरकंटक में कई आश्रम है। जिनमें कल्याण सेवा आश्रम, मृत्युंजय आश्रम, बर्फानी आश्रम, जगत गुरु आश्रम, गुरुद्वारा आदि प्रमुख है। जब भी आप अमरकंटक आए इन आश्रमों को जरूर देखें। यह आश्रम बहुत ही सुंदर तरीके से बनाए गए हैं। और यहां ठहरने की उत्तम व्यवस्थाएं भी है।

इन सभी पर्यटन स्थलों के अतिरिक्त मध्यप्रदेश में और भी कई पर्यटन स्थल है। जैसे मध्य प्रदेश का ग्वालियर शहर, इंदौर शहर, भोपाल शहर, पचमढ़ी आदि। पचमढ़ी एक बेहद खूबसूरत नगर है जो जलप्रपातों व मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है‌। भोपाल झीलों का शहर है जहां कई छोटी-बड़ी झीले हैं।

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