Moral Stories

Moral Stories in Hindi

साथियों नमस्कार, Hindi Short Stories के इस भाग Moral Stories in Hindi में आपका स्वागत है| हमारी वेबसाइट के इस भाग में आप पढेंगे “प्रेरणादायक कहानियां” जिन्हें पढ़कर आप ज़िन्दगी के कई आयाम सिख सकते हैं|

साथियों, अगर आप 90 के दशक में पैदा हुए हैं तो आपने ज़रूर अपनी दादी नानी से कई सारी कहानियां सुनी होंगी और हमें यकीं है की उन कहानियों से आपने ज़रूर कुछ न कुछ अच्छा सिखा ही होगा| लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी ज़िन्दगी में दादी और नानी की वो कहानियां कहीं खो सी गई है| हमारी वेबसाइट का प्रयत्न उन सभी खोई हुई कहानियों को एक मंच पर इकठ्ठा करना है| आशा है आप हमारे इस लक्ष्य में भागिदार होंगे….

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New Moral Stories in Hindi

एक बहुत ही पहुंचे हुए संत थे| आस-पास के कई गावों में संत के अनुयायी रहते थे| उन्हीं अनुयाइयों में संत का एक प्रिय शिष्य था सदानंद| सदानंद स्वाभाव से बहुत ही भोला और साधारण व्यक्ति था| सदानंद हमेशा भगवान् की भक्ति में डूबा रहता| संत हमेशा सदानंद को आश्रम आने और भक्तों को सही मार्ग दिखाने के लिए कहते लेकिन सदानंद हमेशा घर परिवार का कहकर टाल जाता|

सदानंद हमेशा कहता, “मेरे बिना मेरी स्त्री और पुत्र नहीं रह सकते! मेरे अलावा उनका कोई सहारा नहीं है| मेरे बिना उनका निर्वाह कैसे होगा|”

संत हमेशा सदानंद को समझाया करते की यह सब तुम्हारा वहम है| जैसा तुम सोचते हो वैसा बिलकुल भी नहीं है| अगर भगवान् ने किसी को जन्म दिया है तो उसके जीवन निर्वहन के लिए भी उसने कुछ न कुछ इंतजाम ज़रूर किया है| तुम व्यर्थ ही चिंता करते हो|

एक दिन जब सदानंद संत के पास सत्संग के लिए गया तो संत ने फिर सदानंद को वही बात समझाई और कहा की अगर तुम्हें देखना है तो तुम परीक्षा करके देख सकते हो| सदानंद मान गया|

संत ने सदानंद को प्राणायाम के द्वारा साँस रोकने की कला सिखा दी| कुछ दिनों बाद जब सदानंद परिवार के साथ नदी में नहाने गया तो वह साँस रोककर नदी के दूसरी और निकलकर जंगल में छुप गया और संत के आश्रम पहुँच गया|

इधर सदानंद के परिवार वालों ने सदानंद को बहुत ढूंढा लेकिन सदानंद नदी में कहीं नहीं मिला| सदानंद के परिवार वालों ने यही सोचा की सदानंद नदी में डूबकर कहीं दूर बह गया होगा|

पुरे गाँव में शोक की लहर दौड़ पड़ी| सदानंद को जानने-पहचानने वालों का सदानंद  के घर ताँता लग गया| संत के सभी अनुयायी भी सदानंद  के घर गए| अनुयाइयों ने देखा की सदानंद तो बिचारा मर गया और पीछे उसकी स्त्री और बच्चा रह गया| अबी इनके भरण पोषण की ज़िम्मेदारी हमारी है|

बस फिर क्या था सबने अपनी-अपनी तरफ से सहायता देना शुरू कर दी| किसी ने आटे की ज़िम्मेदारी ली, किसी ने दाल की ज़िम्मेदारी ली, किसी ने चावल की व्यवस्था करने की ज़िम्मेदारी ली| धीरे-धीरे सारी व्यवस्था हो गई|

संत के अनुयाइयों ने गाँव की ही एक धर्मशाला में कमरा लेकर सदानंद  की स्त्री और उसके पुत्र की जरुरत की सारी चीजे रखवा दी| साथ ही दूध और बाकि खर्चों के लिए उसके महीने का खर्चा बांध दिया| इस तरह संत की अनुयाइयों ने बिना संत के कुछ कहे ही सदानंद  के परिवार के लिए सारी व्यवस्था कर दी|

कुछ दिनों बाद सदानंद  की स्त्री संत के दर्शन हेतु आश्रम आई| संत ने सदानंद  की स्त्री से पुछा, “तुम्हें कोई तकलीफ तो नहीं है ?”

सदानंद की स्त्री ने हाथ जोड़ते हुए विनम्रतापूर्वक जवाब दिया, “महाराज! जो व्यक्ति चला गया उसकी पूर्ति तो नहीं की जा सकती, लेकिन हमारा जीवन निर्वहन पहले से भी अच्छा हो रहा है”|

संत ने आश्चर्य से पूछा, “पहले से भी अच्छा कैसे ?

सदानंद की स्त्री ने आदर पूर्वक जवाब देते हुए कहा, “महाराज! आपके अनुयाइयों ने ज़रूरत की सभी चीजे पहले ही धर्मशाला में रखवा दी है और मेरे जरुरी खर्चों के लिए भी राशी बांध दी है| अब जब भी जिस भी वास्तु की जरुरत होती है सब मिल जाता है|

इधर सदानंद आश्रम के अन्दर बैठा साथ और उसकी स्त्री की सारी बातें सुन रहा था| सदानंद की स्त्री के जाने के बाद संत ने सदानंद  से कहा की तू अब अपने घर जाकर देख की जो तेरी स्त्री ने कहा क्या वह सत्य है या फिर नहीं|

सदानंद रात के समय अपने घर गया और बाहर से ही दरवाजा खटखटाया| सदानंद की स्त्री ने अन्दर से ही पूछा, “कौन है ?”

सदानंद बोला, “में हूँ…तुम्हारा पति, दरवाजा खोलो” सदानंद की आवाज सुनकर सदानंद की स्त्री ने सोचा की सदानंद की तो मृत्यु हो चुकी है| यह जरुर सदानंद का भुत होगा|

सदानंद की स्त्री बोली, “नहीं! में दरवाजा नहीं खोलती”

सदानंद बोला, “में मरा नहीं हूँ… तुम दरवाजा खोलो”

सदानंद की स्त्री बोली, “बच्चे अगर तुम्हें देखेंगे तो दर के मारे उनके प्राण निकल जाएँगे| इसलिए कृपा करके आप चले जाओ|

सदनाद बोला, “लेकिन मेरे बिना तुम्हारा काम कैसे चलेगा ?

स्त्री बोली, “संत के अनुयाइयों की कृपा से पहले से भी बढ़िया काम चल रहा है| आप चिंता मत करो! बस आप कृपा करके यहाँ से चले जाओ|

सदानंद बोला, तुम्हें कोई दुःख तो नहीं ?

स्त्री बोली, ” अभी तो बस यही दुःख है की आप आ गए| बस आप न ऐ तो फिर कोई दुःख नहीं| कृपा करके आप मत आइये|


तो दोस्तों इस कहानी से हमें यही शिक्षा मिलती है की व्यर्थ की चिंता केवल बिमारियों का घर ही है| हमें व्यर्थ की चिंता छोड़कर ज़िन्दगी में हमेशा आगे बढ़ते जाना चाहिए|

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“घमंडी कौआ | शिक्षाप्रद कहानी”

समुद्र किनारे बसे एक गाँव में एक धनवान सेठ रहता था| उस धनवान सेठ के पुत्रों ने एक कौआ पाल रखा था| सेठ के पुत्र रोज अपने भोजन से बचा कुछ अन्न कौए को दे देते थे|

सेठ के घर की जूठन खा-खा कर वह कौआ कुछ ही दिनों में मोटा और तंदरुस्त हो गया  था| रोज सेठ के घर से भोजन मिलने पर कौए का अहंकार बहुत बढ़ गया| अब कौआ अपने से श्रेष्ठ पक्षियों को भी तुच्छ समझने लगा| अब आए दिन कौआ अपने से श्रेष्ठ पक्षियों का अपमान करने लगा|

एक दिन समुद्र किनारे कुछ हंसों का जोड़ा उडाता हुआ आया और एक पेड पर जाकर बैठ गया| हंसों का जोड़ा बहुत खुबसूरत था| हंसों की खूबसूरती देख सेठ के पुत्र हंसों की तारीफ करने लगे|

यह बात कौए को नागवार गुजरी| वह मन ही मन हंसों से इर्ष्या करने लगा| हंसों से इर्ष्या करते हुए वह दोनों हंसों में से जो सबसे ताकतवर हंस प्रतीत हुआ उसके पास गया|

हंसों के पास जाकर कौआ हंस से बोला, “तुम केवल खूबसूरती में मुझसे अच्छे हो सकते हो लेकिन ताकत में, में तुमसे ज्यादा ताकतवर हूँ| में तुम्हारे साथ उड़ने की प्रतियोगिता करना चाहता हूँ|

हंसों ने कौए को समझाया की वह उनके साथ प्रतियोगिता नहीं कर सकता! क्यों की वह आसमान में बहुत दूर-दूर तक उड़ते हैं| उनके साथ प्रतियोगिता करने से उसे कोई लाभ नहीं है| वह उनके साथ प्रतियोगिता कर के अपनी जान जोखिम में न डालें|

हंस की बात सुनकर कौआ गर्व से बोला, “मेंने उड़ने की कई सारी कलाएँ सीखी है| आ[पनी सीखी प्रत्येक कला से में लगभग सौ योजन ताल उड़न भर सकता हूँ| तुम मेरी नहीं अपनी चिंता करो! क्या तुम मेंरी बराबरी कर पाओगे ?

हंस कौए की बात सुनकर मुस्कुराया और बोला, “मित्र! हो सकता है की तुम उड़ने की कई सारी कलाएँ जानते होंगे लेकिन में तो सिर्फ एक कला जनता हूँ जिससे सभी पक्षी उड़ते हैं| में उसी कला से उडान भरूँगा|

हंस की बात सुनकर कौए का अभिमान और बढ़ गया! वह बोला, “हंस तुमने जीवन में उड़ने की ज्यादा कलाएँ नहीं सीखी है इसलिए में तुम्हें आसानी से हरा दूंगा| अब तुम हार देखने के लिए तैयार हो जाओ|

उनकी बातें सुनकर कई पक्षी इस प्रतियोगिता को देखने के लिए वहां जमा हो गए| सभी पक्षियों के सामने हंस और कौआ  दोनों समुद्र की और उड़े|

पक्षियों को देखकर कौआ  कई तरह की कलाबाजियां दिखता हुआ आसमान में उड़ने लगा और देखते ही देखते हंस से आगे निकल गया|

हंस अभी भी हमेशा की तरह अपनी सामान्य गति से ही उड़ रहा था| यह देखकर वहां उपस्थित कई सारे कौए प्रसन्नता व्यक्त करने लगे|

कुछ ही दूर में कौए के पंख थकने लगे| वह विश्राम करने के लिए अपने आसपास पेड की डालियों को खोजने लगा| लेकिन विशाल समुद्र में वह काफी आगे निकल आया था| उसे अपने आसपास सिर्फ पानी ही पानी नज़र आ रहा था|

इतने समय में हंस उड़ता हुआ कौए से आगे निकल गया| कौए की गति काफी धीमी हो गई थी| ताकन के कारण अब उसके पंखों ने भी जवाब देना शुरू कर दिया था|

अब कौआ पानी के सबसे करीब उड़ने लगा| कौए के पैर अब पानी में डूबने लगे थे|

कौए को डूबता देख हंस कौए के करीब आया और बोला| मित्र! तुम्हारे पैर और पंख बार-बार पानी में डूब रहें हैं| यह तुम्हारी कौन सी कला है|

हंस की बात सुनकर कौआ बड़ी ही ग्लानी के साथ बोला| मित्र! मुझे माफ कर दो, हम कौए सिर्फ कांव-कांव करना जानते हैं| हम भला इतनी ऊँची उड़न कैसे भर सकते हैं|

मुझे अपनी गलती का अहसास हो गया है| हे मित्र! मुझपर दया करो| में डूबने वाला हूँ कृपा कर मेरे प्राण बचा लो|

जल में डूबते हुए अचेत कौए को देखकर हंस को दया आ गई| उसने कौए को अपने पैरों में पकड़ कर समुद्र किनारे छोड़ दिया|


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सोच समझ कर बोल – कहानी

साथियों नमस्कार, आज हम आपके लिए कुछ खास “Hindi Short Stories for Kids” लेकर आएं हैं जिन्हें आप अपने घर परिवार के बच्चों को सुनाकर उन्हें ज़िन्दगी की बड़ी सिख दे सकते हैं| आशा है आपको हमारा यह संकलन पसंद आएगा|

चिंता की सुबह | Hindi Kahani

जब हम बचपन में दादी-नानी से कहानियां सुना करते थे तो हमारा पूरा ध्यान कहानी के पात्रों और कहानी के माध्यम से कही गई बात पर होता था|
बचपन की कहानियां कई बार हमें हमारे ज़िन्दगी के लक्ष्य से अवगत करा जाती है| कई बार जब हम ज़िन्दगी में हमारे लक्ष्य से भटक जाते हैं तो किसी “महान व्यक्ति की कहानियां” हमें हमेशा ज़िन्दगी में आगे बढ़ते रहने और संघर्ष करने की प्रेरणा देती है| पढ़ें पूरी कहानी…

प्रभु इच्छा | Short Moral Stories in Hindi

साथियों, कई बार हमने अपने किसी परिचित से यह कहते हुए ज़रूर सुना होगा की “प्रभु इच्छा”! आज हम आपको इस कहानी “Hindi Story for Children | प्रभु इच्छा” के माध्यम से यही बताने का प्रयत्न कर रहें हैं की भगवान् जो कुछ भी करता है अच्छे के लिए ही करता है|
पढ़ें पूरी कहानी…

कहानी – जादुई वस्त्र – लालची सेठ

साथियों, प्रेरणादायक कहानियां ( Kahaniya in Hindi ) हमारे जीवन में एक बहुत बड़ा महत्त्व रखती है| बचपन में जब दादी-नानी हमें कहानियां सुनाया करती थी तो कहानी कहानी में ही हम पूरी दुनियां का ज्ञान हांसिल कर लेते थे| आज हम आपके लिए ऐसी दो शानदार कहानियां लेकर आए हैं जिन्हें पढ़कर या अपने घर परिवार के बच्चों को सुनाकर आप उन्हें जीवन के बारे में कई बाते सिखा सकते हैं! आइये पढ़ते हैं

आलस्य – एक किसान की कहानी

साथियों नमस्कार, हम सभी जीवन में कभी न कभी किसी न किसी काम को लेकर आलस कर जाते हैं| लेकिन किसी काम में किया गया आलस उस काम को हमेशा ख़राब कर देता है| आज हम आपके लिए ऐसी ही कहानी लेकर आएं हैं जो आपको आलस में किए गए कार्य के दुष्परिणामों से अवगत करवाएगी! आइये इन कहानियों के माध्यम से ज़िन्दगी के एक नए पहलु को जानते हैं…

जीवन का मूल्य – Moral Stories in Hindi for Class 1

साथियों नमस्कार, Hindi Short Stories के कहानियों के इस खजाने में हम हर बार कुछ नई कहानियां लेकर आते हैं| इस बार भी हम एक नई कहानी “जीवन का मूल्य” आपके लिए लेकर आएं है जिसे पढ़कर आपको भी जीवन के बारे में कुछ अलग पहलु देखने को मिलेगा| हमारी वेबसाइट पर अपना अमूल्य समय बिताने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद…

बच्चों की कहानियां

साथियों नमस्कार, कहते हैं की बच्चों को अगर कहानियों और कविताओं के माध्यम से कोई बात समझाने की कोशिश की जाए तो बच्चे उस बात को बखूभी ढंग से समझ पते हैं| इसीलिए हम हमारी वेबसाइट Hindi Short Stories के माध्यम से आपके लिए कुछ ऐसी Moral Stories लेकर आएं हैं जिन्हें आप अपने बच्चों को सुनकर उन्हें जीवन के कई पाठ और सिख आसानी से सिखा सकते हैं| आइये पढ़ते हैं Baccho ki Kahani | बच्चों की कहानियां

लालची राजा | Hindi Kahani

पाठकों नमस्कार, कहा गया है बच्चों को अगर उनकी ही भाषा में कोई बात समझाई जाए तो वे बेखुभी समझते हैं| लेकिन अब हर बच्चे के साथ बच्चा तो नहीं बना जा सकता| इसलिए अगर बच्चों को कोई शिक्षाप्रद बात बताना है तो उन्हें कहानी के माध्यम से बताई जा सकती है| इसीलिए आज हम आपके लिए ऐसी कहानियां लेकर आएं हैं जिन्हें आप अपने बच्चो को सुनाकर उन्हें ज़िन्दगी के बारे में बता सकते हैं! लीजिये पेश है आज की कहानी………

Story for Kids in Hindi | सच्चा स्वांग

कहते हैं की बच्चों को अगर कोई बार कहानी के रूप में समझाई जाए तो उसे वे बखूभी ढंग से समझते हैं| हमारी वेबसाइट का उद्देश्य भी कहानियों (Hindi Stories) के माध्यम से बच्चों को ज्ञानवर्धक बातों को समझाना है| लीजिये इसी कड़ी में हम आपके लिए लाएं हैं “कहानी-सच्चा स्वांग”

बुद्दिमान बंजारा – Moral Stories in Hindi for Class 2

“बुद्धि”, जानवर और इन्सान में अगर किसी चीजका अंतर है तो वह है “बुद्धि”, जिसके दम पर आज इन्सान इतनी ऊँचाइयों तक पहुँच गया है| अपनी बुद्धि से अब तक हमने बहुत उन्नति की है| आज की हमारी कहानी “बुद्दिमान बंजारा” इसी तथ्य पर आधारित है|

भले आदमी की खोज

कहते हैं की आज के कलयुगी दौर में भलाई का ज़माना नहीं रहा! लेकिन आज भी कई लोग हैं जो भले आदमी को देखते ही उसकी पहचान कर लेते हैं और कई बार दूसरों की भलाई करते करते ही हम ज़िन्दगी में कुछ अलग कर जाते हैं| कुछ इसी बात पर आधारित है आज की हमारी यह कहानी “भले आदमी की खोज”

मित्र धर्म | Moral Stories in Hindi for Class 3

दोस्ती, एक ऐसा रिश्ता जो हम इस संसार में जन्म लेने के बाद बनाते हैं| दोस्त, एक ऐसा इन्सान जो हमरे हर सुख दुःख में हमारे साथ रहता है| ईएसआई ही दोस्ती के कई किस्से हमें आजकल सुनने को मिल जाते हैं लेकिन कई सैलून पहले दोस्ती को भी एक धर्म समझा जाता था और जो इस धर्म का पालन करना सिख जाए उसे ज़िन्दगी में कभी भी अकेलापन महसूस नहीं हो सकता तो आइये ऐसे ही एक किस्से से कुछ सिखने का प्रयास करते हैं….

भाग्य | Moral Stories in Hindi for Class 4

कहते हैं की इन्सान के भाग्य में जो लिखा होता है उसे वही नसीब होता है| हमारी आज की कहानी “भाग्य” भी इसी पर आधारित है|

प्रेरणादायक कहानियां

हिंदी कहानियों का हमारी ज़िन्दगी में एक खासा महत्व है| हमारी ज़िन्दगी की कई परेशानियों का हल हमें पोराणिक कहानियों में मिल जाता है| इसलिए परिवार के बड़े बुजुर्ग हमें बचपन में कई कहानियां और किस्से सुनाया करते थे|
लेकिन आज भागदौड़ भरी ज़िन्दगी में वह सारी कहानियां, किस्से पीछे छुट गए हैं| इसीलिए आज हम आपके लिए प्रेरणादायक कहानियां लेकर आएं हैं जहाँ आप कभी भी कहानियां पढ़ कर कुछ नया सीख सकते हैं|

संगठन | Moral Stories in Hindi for Class 7

भैया ये बात तो साफ है की अगर संघठन में रहकर कोई काम किया जाए तो उस काम के सफल होने की संभावनाए कई गुना बढ़ जाती है| इसी बात से रूबरू कराती है आपको हमारी कहानी “संगठन” जहाँ आप संगठन और संगठन से होने वाले के बारे में जन सकेंगे| तो लीजिये पेश है आज की हमारी कहानी……..

परिश्रम का महत्व | Moral Stories in Hindi for Class 8

अपनी मात्रभाषा में कहानी पढने का कुछ मज़ा ही अलग है| इसीलिए हम हमारे पाठकों के लिए हमारी वेबसाइट hindishortstories.com में हिंदी में नई-नई कहानियां लेकर आते हैं| इसी कड़ी में पेश है हमारी एक और नई कहानी “परिश्रम का महत्व”

छल – Moral Stories in Hindi for Class 9

एक बार एक नगर में एक चौर चोरी करने में इतना माहिर हो गया की कोई कभी उसे पकड़ ही नहीं पाता था| चौर रोज नगर में कई घरों के ताले तौड़ देता और घरों से कीमती माल, सोना-चांदी और नगदी ले जाता| रोज-रोज नगर में हो रही चौरीयों से नगर वासी परेशान थे|आखिरकार एक दिन इन चौरीयों से तंग आकर नगर वासियों ने राजा के पास जाने का फैसला किया| अगले दिन नगर वासी एकत्रित होकर राजा के पास राजा के महल में पहुंचे और नगर में प्रतिदिन हो रही चोरियों के निवारण के लिए उचित प्रबंधन करने की विनती की| स्टोरी इन हिंदी

प्रेरणादायक हिंदी कहानियां

डर अच्छे-अच्छों के छक्के छुडा देता है| एक बहुत पुरानी कहावत हैं जो “डर गया वह मर गया”, और इसी कहावत पर आधारित है हमारी यह कहानी “भय”

प्रेरक प्रसंग | Moral Stories in Hindi for Class 10

जीवन में कुछ सुने-सुनाए प्रेरक प्रसंग हमें कभी-कभी ज़िन्दगी का एक बड़ा पाठ पढ़ा जाते है, इसलिए बड़े बुजुर्ग हमेशा हमें कुछ ना कुछ नया पढने और सीखते रहने का ज्ञान देकर गए है| Hindi Short Stories के इस अंक में हम आज आप सभी के लिए कुछ प्रेरक प्रसंग लेकर आएं हैं जिन्हें पढ़कर आप अपने जीवन में कुछ नए अनुभव ले सकेंगे….

पढ़ें १० शानदार प्रेरणादायक कहानियां!

हिंदी कहानियों की सबसे बहतरीन वेबसाइट पर आपका स्पवागत है| पढ़ें शानदार कहानियों का संग्रह जो आपको जीवन में और कुछ कर गुजरने के लिए प्रेरित करेगी|

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