10 Famous Jain temples in india | भारत के 10 प्रसिद्धि जैन मंदिर

Famous Jain temples in india
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साथियों नमस्कार, आशा है आप सब स्वस्थ होंगे। आज का हमारा संकलन “Famous Jain temples in india | भारत के 10 प्रसिद्धि जैन मंदिर” खास तौर पर जैन धर्म पर प्रकाशित किया जा रहा है| भारतवर्ष में सदियों से जैन धर्म का पालन करने वाले जैन धर्मावलम्बी रहें हैं| जिन्होनें भारत में कई जैन मंदिरों का निर्माण किया है|

आज का हमारा संकंलन इसी पर आधारित है| आज के इस अंक में हम आपको भारत के ऐसे 10 प्रसिद्ध जैन मंदिरों के बारे में बताने जा रहें हैं जिनके बारे में पढ़कर आपको भारतीय संस्कृति पर गर्व महसूस होगा।


Famous Jain temples in india | भारत के 10 प्रसिद्धि जैन मंदिर

1. रणकपुर जैन मंदिर | Ranakpur Jain Temple

रणकपुर जैन मंदिर Ranakpur Jain Temple Famous Jain temples in india
रणकपुर जैन मंदिर Ranakpur Jain Temple Famous Jain temples in india

राजस्थान राज्य के पाली जिले में रणकपुर जैन मंदिर अरावली पर्वत की घाटियों के मध्य स्थित है। उदयपुर से 96 किलोमीटर दूर स्थित यह मंदिर भारत के सभी जैन मंदिरों में सबसे भव्य ईमारत है।

यह जैन धर्म के देवता ऋषभदेव का मंदिर है। इस मंदिर का अन्य नाम चतुर्मुखी जैन मंदिर है। इस मंदिर में भगवान आदिनाथ की संगमरमर की बनी चार विशाल मूर्तियां करीब 72 इंच ऊंची है। जिनका मुँख चार अलग-अलग दिशाओं की ओर है। इसलिए इस मंदिर को चतुर्मुखी जैन मंदिर कहा जाता है।

यह मंदिर करीब 40,000 वर्ग फीट में फैला है। इस मंदिर का निर्माण 600 वर्ष पूर्व विक्रम संवत 1446 में प्रारंभ हुआ। जो कि लगभग 50 वर्षों तक चला। जैन देवता ऋषभदेव का यह मंदिर भारत भूमि पर एक ऐतिहासिक धरोहर है। इस मंदिर में लगभग 1444 खंभे हैं। जिन पर सुंदर नक्काशी की गई है।

इसके अतिरिक्त बड़े प्रार्थना कक्ष तथा बड़े पूजन स्थल भी हैं। रणकपुर जैन मंदिर में संगमरमर के टुकड़े पर भगवान ऋषभदेव के पद चिन्ह भी अंकित है। मंदिर निर्माताओं ने मंदिर में तहखाने भी बनाए हैं। ताकि संकट काल में यहां की सुंदर व भव्य मूर्तियों को सुरक्षित रखा जा सके। यह धार्मिक स्थल पर्यटन की दृष्टि से आकर्षण का केंद्र रहता है।

रणकपुर पहुंचने के लिए पहले उदयपुर पहुंचना होगा। उदयपुर, रणकपुर के पास सबसे बड़ा शहर है। उदयपुर हवाई मार्ग, रेल मार्ग द्वारा पहुंच सकते हैं। वहां से रणकपुर के लिए नियमित बसें चलती रहती है।


2. वरंगा जैन मंदिर | Varanga Jain Temple

वरंगा जैन मंदिर Varanga Jain Temple Famous Jain temples in india
वरंगा जैन मंदिर Varanga Jain Temple Famous Jain temples in india

कर्नाटक राज्य के उड्डपी जिले में वरंगा एक गांव है। जो जैन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। यहां के प्रमुख जैन मंदिरों में केरे बसदी, पार्श्वनाथ बसदी और नेमिनाथ बसदी है। जो जैन मुनियों के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। यदि पर्यटन के लिए आप वरंगा जाते हैं तो अक्टूबर से मार्च के बीच का समय उचित होता है।

यहां स्थित केरे बसदी और पार्श्वनाथ बसदी जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ को समर्पित है। केरे बसदी का उपनाम “झील” है। क्योंकि इस मंदिर तक पहुंचने का रास्ता झील से होकर गुजरता है। और केवल नाव से ही केरे बसदी तक पहुंचा जा सकता हैं। प्रति व्यक्ति नाव का किराया प्रति 100 मीटर पर केवल ₹10 हैं।

पार्श्वनाथ बसदी भी चारों ओर से झील के पानी से घिरा हुआ है। पार्श्वनाथ बसदी में चार देवताओं पार्श्वनाथ, अनंतनाथ, शांतिनाथ व नेमिनाथ की मूर्तियां हैं। जो कि चार अलग-अलग दिशा में मुख किए हुए हैं। इसलिए इस जैन बसदी को चतुर्मुख बसदी भी कहा जाता है।

नेमिनाथ बसदी, पार्श्वनाथ बसदी के पार स्थित हैं, और भगवान नेमेस्वर को समर्पित है। मंदिर का मुख पूर्व दिशा की ओर है। इस मंदिर में आज भी धार्मिक अनुष्ठान होते हैं। इस मंदिर का उपनाम “हीरे बसदी” भी है। मंदिर में बने दो विशाल प्रवेश द्वार जो कि ग्रेनाइट पत्थरों से बने हैं। मंदिर की शोभा को बढ़ाते हैं।

इसके अतिरिक्त लंबा धातु का दीपस्तंभ, एक देवता को माला पहनाते हुए दो हाथियों का नक्काशीदार दृश्य देखने योग्य है। यह मंदिर करीब 1200 साल पुराना है। किंतु आज भी अपने प्राचीन स्वरूप में पर्यटकों का स्वागत करता है।

वरंगा गांव का निकटतम हवाई अड्डा मंगलौर हवाई अड्डा है। जो लगभग 73 किलोमीटर की दूरी पर है। जहां से वरंगा के लिए नियमित बसें चलती हैं। वरंगा का निकटतम रेलवे स्टेशन उड्डपी रेलवे स्टेशन है। 39 किलोमीटर दूर स्थित इस रेलवे स्टेशन से वरंगा के लिए नियमित बसें चलती है। या निजी टैक्सी भी किराए पर ले सकते हैं।

वरंगा 169‌ए राज्य मार्ग द्वारा आसपास के शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। अपनी निजी टैक्सी द्वारा भी वरंगा पहुंच सकते हैं, या राज्य की बस सेवाओं का भी लाभ उठा सकते हैं।


3. दिलवाड़ा जैन मंदिर | Dilwara Temple

दिलवाड़ा जैन मंदिर Dilwara Temple Famous Jain temples in india
दिलवाड़ा जैन मंदिर Dilwara Temple Famous Jain temples in india

दिलवाड़ा जैन मंदिर राजस्थान के सिरोही जिले के माउंट आबू नगर में स्थित है। दिलवाड़ा जैन मंदिर पांच प्रसिद्ध जैन मंदिरों का समूह है। जो एक ही परिसर में बने हुए हैं। जैन तीर्थकरों को समर्पित यह मंदिर अत्यंत खूबसूरत व वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है।

इन मंदिरों का निर्माण लगभग 11वीं व 13वीं शताब्दी के मध्य वास्तुपाल व तेजपाल नामक दो भाइयों ने करवाया था। यहां का “विमलवसाही मंदिर” सर्वाधिक प्राचीन है। जो कि जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर को समर्पित है। इस “विमलवसाही मंदिर” का निर्माण 1031ई. में हुआ था। 22वें तीर्थकर भगवान नेमिनाथ जी को समर्पित “लूनवसाही मंदिर” का निर्माण 1231 ईसवी में हुआ था।

इसके अतिरिक्त तीन मंदिरों में “पित्तलहार मंदिर” भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) को समर्पित है। “श्री पार्श्वनाथ मंदिर” भगवान पार्श्वनाथ व “श्री महावीर स्वामी मंदिर” 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी को समर्पित है। यह पांचो मंदिर संगमरमर के बने हैं। यहां बने 48 स्तंभ अत्यंत सुंदर है। जिन पर नृत्यांगनाओं की आकृतियां बनी हुई है।

भगवान आदिनाथ की मूर्ति की आंखे असली हीरे की बनी हुई है, और सभी मूर्तियां बहुमूल्य रत्नों से सजी हुई है। दिलवाड़ा के यह प्रसिद्ध जैन मंदिर अद्भुत सौंदर्य से परिपूर्ण धार्मिक स्थल हैं। जो पर्यटकों को आकर्षित करते रहते हैं।

इन मंदिरों की सुंदरता लोगों को यहां तक खींच ही लाती हैं। इन मंदिरों में जैन तीर्थकरों की जीवनी के बारे में भी पता चलता है। माउंट आबू से निकटतम हवाई अड्डा उदयपुर हवाई अड्डा हैं व निकटतम रेलवे स्टेशन भी उदयपुर रेलवे स्टेशन ही है। जहां से बस या टैक्सी के माध्यम से दिलवाड़ा जैन मंदिर पहुंचा जा सकता है।


4. हुथीसिंग जैन मंदिर | Hutheesing Jain Temple

हुथीसिंग जैन मंदिर | Hutheesing Jain Temple Famous Jain temples in india
हुथीसिंग जैन मंदिर | Hutheesing Jain Temple Famous Jain temples in india

हुथीसिंग जैन मंदिर भारत के गुजरात राज्य के अहमदाबाद नगर में स्थित है। यह मंदिर जैन धर्म के 15वें तीर्थंकर भगवान धर्मनाथ को समर्पित है। इस मंदिर के निर्माण 1848 में अहमदाबाद के एक व्यापारी सेठ हाथीसिंह केसरीसिंह द्वारा शुरू किया गया।

उनकी मृत्यु के पश्चात निर्माण की देखरेख उनकी पत्नी सेठानी हरकुंवर ने पूरी की। इस मंदिर का निर्माण गुजरात में भीषण अकाल के दौरान हुआ था। मंदिर का मुख्य भवन दो मंजिला है। जिसमें भगवान धर्मनाथ की संगमरमर की मूर्ति स्थापित है।

इस बेहद खूबसूरत मंदिर के वास्तुकार प्रेमचंद सलात थे। मंदिर में चित्तौड़ जैन मानस्तंभ और कीर्तिस्तंभ से प्रेरित एक आद्वितीय मानस्तंभ भी है। जिसकी ऊंचाई साठ मंजिल है। जिसमें महावीर की मूर्ति स्थापित है। मुख्य मंदिर में 11 देवता है।

छ: तहखाने में और पाँच खाड़ी अभ्यारण में है। मंदिर में बने नक्काशीदार ब्लूस्ट्रेड, विशाल बालकनियाँ, चबूतरे, जाली आदि वास्तुकला का एक खूबसूरत उदाहरण है।यहां का निकटतम हवाई अड्डा अहमदाबाद हवाई अड्डा है। और निकटतम रेलवे स्टेशन अहमदाबाद जंक्शन है। इसके अतिरिक्त अहमदाबाद सड़क मार्ग के द्वारा भी विभिन्न शहरों से जुड़ा हुआ है।


5. चितराल जैन मंदिर | Chitharal

चितराल जैन मंदिर ChitharalFamous Jain temples in india
चितराल जैन मंदिर ChitharalFamous Jain temples in india

यह मंदिर भारत के तमिलनाडु राज्य में कन्याकुमारी जिले के चितराल गांव में स्थित है। यह प्राकृतिक गुफा है जहां पर दीवारों व चट्टानों को तराशकर मूर्तियां बनाई गई है। इस मंदिर के अन्य नाम “चितराल गुफा मंदिर” या “चितराल भगवती मंदिर” भी है।

यहां स्थित पहाड़ियों को चोक्कनतुंगी पहाड़ियाँ कहा जाता है। और यह मंदिर उन पहाड़ियों में से एक तिरुचनट्टू मलाई पहाड़ी पर स्थित है। केन्द्रीय स्थान में भगवान महावीर की मूर्ति है, जिसके ऊपर वृक्ष बना है, और आसपास कई सेवक बैठे हैं। केंद्रीय मंदिर का गोपुरम शिखर बिजली गिरने के कारण नष्ट हो गया है।

इसके अतिरिक्त मंदिर में अर्ध पद्मासन में बैठे कई तीर्थकरो की प्रतिमाएं, अंबिका और उड़ते हुए विद्याधरो की आकृतियां बनी हुई है। यह मंदिर प्राचीन वास्तु कला में बना हुआ है। यहां बनी हुई मूर्तियों को देखने के लिए पर्यटक दूर-दूर से आते हैं।

चितराल जैन मंदिर एक धार्मिक व पौराणिक स्थल है। 13वीं शताब्दी में इस जैन मंदिर में हिंदु तत्व सम्मिलित कर भगवती का मंदिर भी बनाया गया।

पढ़ें आखिर क्या खास है झीलों की नगरी उदयपुर में!

6. नारेली ज्ञानोदय दिगंबर जैन मंदिर | Nareli Jain Temple

नारेली ज्ञानोदय दिगंबर जैन मंदिर Nareli Jain Temple Famous Jain temples in india
नारेली ज्ञानोदय दिगंबर जैन मंदिर Nareli Jain Temple Famous Jain temples in india

नारेली जैन मंदिर नारेली, अजमेर, राजस्थान में स्थित जैन धर्म का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। जो कि ज्ञानोदय तीर्थ के नाम से प्रसिद्ध है। यह भारत के सभी जैन मंदिरों में सबसे नवनिर्मित जैन मंदिर है। यह जैन मंदिर अरावली पर्वत श्रृंखला पर स्थित है।

संत शिरोमणि श्री विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य मुनि पुंगव सुधासागर जी महाराज के सानिध्य में 30 जून 1995 को श्री दिगंबर जैन ज्ञानोदय तीर्थ क्षेत्र की स्थापना की गई। इस मंदिर में आने वाले तीर्थ यात्रियों के लिए शुद्ध सात्विक भोजन की व्यवस्था हेतु बहुत ही सुंदर भोजनालय भी बनवाया गया है। जिसमें एक साथ दो हजार व्यक्ति बैठ सकते हैं।

साथ ही एक गौशाला भी बनवाई गई है। जिसमें उन पशुओं को रखा जाता है। जो दूध नहीं देते अर्थात जिनका उपयोग नहीं होता, तब उन्हें व्यक्ति कसाई को दे देते हैं। या बेसहारा छोड़ देते हैं। ऐसे पशुओं को अकाल मृत्यु से बचाने के लिए इस गौशाला में रखा जाता है।

मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार जिसे सिंह द्वार के नाम से जाना जाता है। लाल पाषाण से निर्मित है इसकी ऊंचाई लगभग 81 फुट है। यह मंदिर शहर के केंद्र से 7 किलोमीटर दूर और जयपुर से 128 किलोमीटर पश्चिम की ओर मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग 8 पर स्थित है।

नारेली जैन मंदिर पहुंचने के लिए अजमेर के आसपास के शहरों से रिक्शा व टैक्सी उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त यहां का निकटतम रेलवे स्टेशन अजमेर जंक्शन है। और निकटतम हवाई अड्डा जयपुर हवाई अड्डा है, जो कि 125 किलोमीटर दूर स्थित है।


7. मुक्तागिरी जैन मंदिर | Muktagiri

मुक्तागिरी जैन मंदिर Muktagiri Famous Jain temples in india
मुक्तागिरी जैन मंदिर Muktagiri Famous Jain temples in india

मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर मुक्तागिरी जैन मंदिर स्थित है। जो कि बैतूल जिले की भैंसदेही तहसील के परतवाड़ा शहर के अंतर्गत आता है। यह मंदिर सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला पर स्थित 52 मंदिरों का समूह है।

पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर के शीर्ष तक पहुंचने के लिए 350 सीढ़ियां चढ़कर जाना पड़ता है। जो व्यक्ति सीढ़ियां नहीं चल सकते उनके लिए पाल की सेवा भी उपलब्ध है। मंदिर के शीर्ष से देखने पर यहां का हरा भरा वातावरण आत्मिक शांति प्रदान करता है।

यहां पास में ही एक झरना स्थित है जिसकी ऊंचाई 250 फीट है। जो यहाँ के वातावरण को सुंदर बनाता है। प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण यह स्थान अपने चमत्कारों के लिए बहुत प्रसिद्ध है, कहाँ जाता है कि यहां केसर और चंदन की बारिश होती है।

इसके अतिरिक्त यहां कई जैन मुनियों ने मोक्ष प्राप्त किया है। इसलिए भी यह स्थान जैन धर्म का तीर्थ स्थल माना जाता है। ट्रैकिंग पसंद करने वाले व्यक्तियों के लिए भी यह स्थान उचित है। मुक्तागिरी जैन मंदिर भक्ति पूर्ण वातावरण से पूर्ण और आस्था से भरपूर स्थान है। पर्यटन के लिए एक उचित स्थल साथ ही तीर्थ स्थल भी है।

मुक्तागिरी जैन मंदिर जाने के लिए पहले बेतूल रेलवे स्टेशन फिर बस द्वारा परतवाड़ा तथा परतवाड़ा से ऑटो रिक्शा से मुक्तागिरी क्षेत्र पहुंचा जा सकता है। यहां का निकटतम रेलवे स्टेशन आकोट हैं, जो कि 60 किलोमीटर की दूरी पर है।


8. पालिताना जैन मंदिर | Palitana Jain Temple

पालिताना जैन मंदिर Palitana Jain Temple Famous Jain temples in india
पालिताना जैन मंदिर Palitana Jain Temple Famous Jain temples in india

भारत के गुजरात राज्य के भावनगर जिले में पालीताना नगर स्थित है। जो कि भावनगर शहर से 50 किलोमीटर दूर दक्षिण पश्चिम में स्थित है। पालीताना जैन धर्म का प्रसिद्ध तीर्थ स्थान है। यह स्थान शत्रुंजय नदी के तट पर शत्रुंजय पर्वत की तलहटी में स्थित है।

इन मंदिरों का निर्माण 11वीं शताब्दी में हुआ है। शत्रुंजय तीर्थ जैन धर्म के पाँच प्रसिद्ध तीर्थों में शामिल है। पालीताना जैन मंदिर के अंतर्गत कुल 863 जैन मंदिर शामिल है। इसलिए इसे दुनिया का सबसे बड़ा टेंपल कंपलेक्स भी माना जाता है।

इन मंदिरों में सबसे खूबसूरत मंदिर जैन धर्म के प्रथम तीर्थकर भगवान ऋषभदेव का मंदिर है। 1618 ई. में बना चौमुखा मंदिर इस क्षेत्र का सबसे बड़ा मंदिर है। इसके अतिरिक्त कुमारपाल, मिलशाह, समप्रति राज आदि मंदिर भी देखने योग्य है।

सभी मंदिर सफेद संगमरमर से बने हैं। इन भव्य मंदिरों पर विशेष नक्काशी की गई है। मंदिर में सूर्यास्त के उपरांत किसी भी इंसान को ऊपरी शिखर पर रहने की अनुमति नहीं है। पालीताना कानूनी रूप से दुनिया का एकमात्र शाकाहारी शहर है। क्योंकि यहां अधिकतर जैन मुनि दर्शन के लिए आते हैं, जो केवल शाकाहारी और सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं।

साथ ही साथ देश विदेश से कई पर्यटक यहां घूमने आते हैं। पालीताना जैन मंदिर पहुंचने के लिए करीबी रेलवे स्टेशन भावनगर टर्मिनस रेलवे स्टेशन है। जहां से बसों या कार द्वारा पालीताना पहुंच सकते हैं। यहां का निकटतम एयरपोर्ट भावनगर एयरपोर्ट हैं।


9. सोनागिरी जैन मंदिर | Sonagiri

सोनागिरी जैन मंदिर Sonagiri Famous Jain temples in india
सोनागिरी जैन मंदिर Sonagiri Famous Jain temples in india

मंदिरों की नगरी सोनागिरी ग्वालियर से 60 किलोमीटर दूर जिला दतिया मध्य प्रदेश में स्थित है। सोनागिरी को मंदिरों की नगरी इसलिए कहा जाता है, क्योंकि यहां कुल 108 मंदिर हैं। जिसमें से 76 मंदिर पहाड़ी पर स्थित है और अन्य मंदिर गांव में स्थित है।

कुल 108 मंदिरों में 57 का मंदिर मुख्य है, इस मंदिर में भगवान चंद्रप्रभु की 11 फीट ऊंची मूर्ति है। पास ही में एक महास्तंभ है, जिसकी ऊंचाई 43 फीट है। इस स्थान पर आचार्य शुभचंद्र तथा ऋषि भ्रतृरिहरि ने निर्वाण पाया था, अर्थात मोक्ष प्राप्त किया था।

सोनागिरी का निकटतम हवाई अड्डा ग्वालियर हवाई अड्डा है। जहां से बस, टैक्सी या कैब के द्वारा सोनागिरी पहुंचा जा सकता है। यहां का निकटतम रेलवे स्टेशन सोनागिर और दतिया है सोनागिर रेलवे स्टेशन से निशुल्क बस सेवा उपलब्ध है।


10. धर्मनाथ जैन मंदिर | Dharmanath Jain Mandir

धर्मनाथ जैन मंदिर Dharmanath Jain Mandir Famous Jain temples in india
धर्मनाथ जैन मंदिर Dharmanath Jain Mandir Famous Jain temples in india

धर्मनाथ जैन मंदिर केरल राज्य के कोच्चिन के मातनचेरी में स्थित है। यह मंदिर 15 वे तीर्थंकर भगवान धर्मनाथ को समर्पित है। मंदिर का निर्माण 1904 में हीरूबाई जीवराज धनजी ने अपने पति जीवराज धनजी की याद में करवाया था।

इस मंदिर परिसर में चंद्रप्रभा को समर्पित एक और जैन मंदिर भी है। मंदिर की वास्तुकला अत्यंत सुंदर व आकर्षक है। मंदिर में प्रति वर्ष पर्युषण उत्सव का आयोजन होता है, जिसमें आठ दिवसीय आत्म शुद्धि उत्सव होता है। यह स्थान जैन धर्म का एक प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थ स्थल है। जहां कई जैन मुनि आते हैं, और आत्मिक शांति प्रदान करते हैं।

मंदिर प्रांगण का वातावरण हरा भरा व हरियाली से परिपूर्ण है। यहां नारियल के पेड़ भी लगे हुए हैं। य मंदिर करीब 100 साल से भी अधिक पुराना है।
यहां का निकटतम हवाई अड्डा कोच्चिन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो कि 42 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। निकटतम रेलवे स्टेशन एर्नाकुलम जंक्शन रेलवे स्टेशन है, जो 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। एर्नाकुलम से मातमचेरी के लिए प्रतिदिन निजी बसें चलती रहती है।

10 Famous Jain temples in india | भारत के 10 प्रसिद्धि जैन मंदिर


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