प्रेम कविता | Hindi Love Poem

प्रेम कविता
Share with your friends

साथियों नमस्कार, आज के अंक प्रेम कविता | Hindi Love Poem में हम आपके लिए लेकर आएं हैं “कुणाल कंठ कामिल कवि” द्वारा रचित कविता “प्रेम का स्वतंत्र ध्वज” आशा है आपको हमारा यह संकलन ज़रूर पसंद आएगा|


प्रेम का स्वतंत्र ध्वज  | प्रेम कविता

वो सारे पीड़ा और नक्काशी किए सलाखें
(जो जड़े गए है समाज से प्रेरित हो हर प्रेमी प्रेमिकाओं के पांव में )
उन्हें लांघ जब तुम मेरे शीश को चूमोगी तो वो चुम्बन प्रेम का पवित्र ध्वज होगा
जो दो आत्माओं के  क्षितिज का
स्वतंत्र साक्ष्य बन युगों युगों तक
मेरी लिखी कविताओं के माध्यम प्रेमी मन के  चौखट
पे फहराया जायेगा
हाँ वही होगा हमारा
स्वतंत्र प्रेम ध्वज

कुणाल कंठ कामिल कवि

फौजी कॉलोनी फॉरबिसगंज अररिया बिहार


साथियों अगर आपके पास कोई भी रोचक जानकारी या कहानी, कविता हो तो हमें हमारे ईमेल एड्रेस hindishortstories2017@gmail.com पर अवश्य लिखें!

दोस्तों! आपको “प्रेम कविता | Hindi Love Poem” हमारा यह संकलन कैसा लगा हमें कमेंट में ज़रूर लिखे| और हमारा फेसबुक पेज जरुर LIKE करें!

यह भी पढ़ें:-

हिंदी कविता – अपने से नहीं लगते हो

ऐसी शायरी आपने कभी नहीं पढ़ी होगी – मुहोब्बत की शायरी
प्रेम के नशे में डूबी एक प्रेम कविता

Share with your friends

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *